बलिया के लॉज में युवती की मौत, गला रेत कर उतारा मौत के घाट, युवक ने भी अपनी नस काटी
उत्तर प्रदेश के बलिया में एक लॉज में युवती का गला रेत कर उसे मौत के घाट उतारा गया है। युवक ने भी अपनी नस काट ली है और उसका इलाज जारी है।
बलिया में युवक-युवती ने उठाया खौफनाक कदम।
उत्तर प्रदेश के बलिया से खौफनाक वारदात की खबर सामने आ रही है। बलिया जनपद के स्टेशन के सामने वैशाली रोड में महावीर लॉज में युवक-युवती ने खौफनाक कदम उठाया है। यहां संदिग्ध परिस्थितियों में युवती की मौत हो गई है। जानकारी के मुताबिक, युवती का गला रेत कर उसे मौत के घाट उतारा गया है। वहीं, युवक ने भी अपने कलाई की नस काट ली है। वह बेड पर पड़ा मिला है जिसके बाद उसे ईलाज के लिए अस्पताल में भेजा गया है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत स्टेशन रोड स्थित महावीर लॉज में युवक व युवती ने खौफनाक कदम उठाया है जिस कारण पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है, जबकि युवक ने अपने हाथ की नस काट ली है। युवक का इलाज जारी है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है। इस घटना की सूचना मिलते ही एसपी, सिटी मजिस्ट्रेट और फोरेंसिक टीम जांच पड़ताल में जुट गई है। एसपी ने बताया है कि युवती का गले पर निशान मिला है, उसका गला रेता गया है। हो सकता है कि गला दबाया गया हो। एक चाकू भी मिला है जिसकी जांच की जा रही
पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने बताया- “महावीर लॉज के मैनेजर द्वारा रात्रि करीब 8.00 बजे सूचना दी गयी थी कि लॉज के कमरा नंबर 204 के दरवाजा अंदर से नहीं खुल रहा है। न ही कोई हरकत हो रही है। इस सूचना पर तत्काल मौके पर पहुँच कर सिटी मजिस्ट्रेट, क्षेत्राधिकारी नगर व थाना कोतवाली पुलिस द्वारा अंदर से बंद कमरे के दरवाजे को खोला गया तो अंदर बेड पर दो लोग पड़े थे। मैनेजर की जानकारी एवं लॉज के रिकॉर्ड के आधार पर इनकी पहचान- जमील अहमद, पुत्र अब्दुल कलाम आजाद, उम्र 30 वर्ष, निवासी प्रेम चक उमरगंज थाना कोतवाली और नेहा परवीन, पुत्री गयासुद्दीन, निवासी आरटीआई चौकी मोहनपुरवा पीर नगर गाजीपुर के रूप में हुई है। दोनों को तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया जहां पर डाक्टरों द्वारा महिला को मृत बताते हुए मोर्चरी में रखवाया गया। वहीं, जमील को सांसे चलने के चलते ICU में इलाज हेतु भर्ती कराया गया। मौके पर सर्विलांस, फॉरेंसिक टीम मौजूद है। अन्य विधिक कार्यवाही प्रचलित है।