महाकुंभ में बाबा बागेश्वर का Exclusive इंटरव्यू

93
Share

महाकुंभ में बाबा बागेश्वर का Exclusive इंटरव्यू, बांग्लादेश के हालातों पर कहा- ‘माला और भाला दोनों जरूरी’
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि बांग्लादेश के हालात खराब हो रहे हैं। ऐसे में हमें तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह किसी को युद्द के लिए प्रेरित नहीं कर रहे हैं, लेकिन अगर हम पर कोई हमला कर दे तो हमें तैयार रहना चाहिए।
महाकुंभ 2025 के बीच इंडिया टीवी के साथ बातचीत में बाबा बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि पहली बार महाकुंभ पर पूरी दुनिया की नजर है। उन्होंने कहा कि हमारा भारत आध्यात्मिक रूप से इतना संपन्न है। यह दुनिया ने पहली बार जाना है। इससे पहले तक दुनिया हमें गंवार समझती थी। उन्होंने कहा कि विदेशी लोग यहां आ रहे हैं और मां गंगा में डुबकी लगा रहे हैं। विदेशी युनिवर्सिटी के लोग यहां आकर रिसर्च कर रहे हैं।
महाकुंभ में लोगों की संख्या को लेकर उन्होंने कहा कि गांव-गांव से लोग आ रहे हैं। उन्हें किसी की फिक्र नहीं है। सभी लोग सारे भेदभाव खत्म करके एक साथ डुबकी लगा रहे हैं। सबसे अमीर व्यक्ति की पत्नी भी यहां आ रही हैं। पिछड़े वर्ग के लोग भी यहां डुबकी लगा रहे हैं और शंकराचार्य भी यहीं डुबकी लगा रहे हैं।
आईआईटी बाबा और ममता कुलकर्णी से जुड़े सवाल पर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उन्होंने कुछ दिन पहले कहा था कि महाकुंभ अपने रास्ते से भटक गया है। क्योंकि हर पेशे या वर्ग के लोगों की अपनी एक मर्यादा होती है। आईएएस की मर्यादा होती है। उसी तरह संतों की भी मर्यादा होती है। परंपरा में रहकर मनमौजी हो सकते हैं।
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि गंगा का पानी साफ है। इतनी व्यवस्थाएं हैं तो थोड़ा-बहुत ऊपर-नीचे होगा ही, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर आने वाले लोगों के लिए व्यवस्थाएं कर पाना ही बड़ी बात है। एक नेता ने कहा है कि महाकुंभ में स्नान की व्यवस्था साफ-सुथरी नहीं है। इससे बीमारियां फैल सकती हैं। हज की तरह कुंभ में भी हाइजिनिक स्नान की व्यवस्था होनी चाहिए। इस पर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि गंगा का पानी बह रहा है। लोग नहा रहे हैं, यह बहती हुई धारा है। यहां आकर नहाने से बीमारियां दूर होती हैं। जो यहां नहीं आ रहा है, वो बीमार है। उन्होंने कहा कि यह बयान देने वाले व्यक्ति को ही यहां आकर साफ-सफाई की व्यवस्था करनी चाहिए। अगर वो हाइजिनिक व्यवस्था कर सकते हैं तो उनका स्वागत है।
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हिंदुओं को माला और भाला की जरूरत है। अगर कोई भी हम पर हमला करता है तो हमें उसके लिए तैयार रहना चाहिए। बांग्लादेश में कानून व्यवस्था खत्म हो गई। ऐसे में अगर बांग्लादेश की तरफ से हमला हो जाता है तो हमें सेना की मदद के लिए तैयार रहना चाहिए। युवाओं के लिए उन्होंने कहा कि युवा पाश्चात्य संस्कृति में डूबे जा रहे हैं। वह मोबाइल फोन और नशे की लत में हैं। उन्हें अपनी संस्कृति के प्रति जागरुक करना होगा। जनजागरण करने से युवाओं को अपनी जड़ों की तरफ वापस लाया जा सकता है।