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पीएम मोदी ने अब देश के युवाओं को सशक्त बनाने का प्रण लिया है। इसलिए 4 जुलाई से देश में होने जा रहे शिखर सम्मेलन में पहली बार युवा सशक्तिकरण और स्टार्टअप पर फोकस किया गया है।

नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
भारत आगामी 4 जुलाई से शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है। खास बात यह है कि इस बार का शिखर सम्मेलन डिजिटल तरीके से आयोजित किया जाएगा। साथ ही एससीओ शिखर सम्मेल में पहली बार पीएम मोदी के निर्देश पर युवा सशक्तिकरण और स्टार्टअप चर्चा के केंद्र बिंदु होंगे। महिला सशक्तिकरण के बाद अब पीएम मोदी ने देश के युवाओं को सशक्त बनाने के लिए “युवा सशक्तिकरण” का मंत्र दिया है। इसे लिए पीएम मोदी की कई वृहद योजनाएं भी हैं। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को सम्मेलन को डिजिटल तरीके से आयोजित करने का ऐलान किया। हालांकि इसकी वजह नहीं बताई गई है। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारत ने अपनी अध्यक्षता के तहत सहयोग के नए स्तंभ स्थापित किए हैं – स्टार्टअप और नवोन्मेष, पारंपरिक औषधि, डिजिटल समावेशन, युवा सशक्तिकरण और साझा बौद्ध विरासत।

पुतिन और शी जिनपिंग को किया आमंत्रित

अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न पहलुओं पर विचार करते हुए, डिजिटल तरीके से शिखर सम्मेलन आयोजित कराने के विकल्प पर चर्चा की गयी और सदस्य देशों से विचार-विमर्श करने के बाद इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया गया। पिछले साल एससीओ शिखर सम्मेलन उज्बेकिस्तान के समरकंद शहर में हुआ थे जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत सभी शीर्ष नेता शामिल हुए थे। भारत सितंबर में जी20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा जिसके लिए वह शी जिनपिंग और पुतिन को आमंत्रित कर रहा है। भारत ने पिछले साल 16 सितंबर को समरकंद शिखर सम्मेलन में एससीओ की अध्यक्षता संभाली थी। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘पहली बार भारत की अध्यक्षता में एससीओ का 22वां शिखर सम्मेलन डिजिटल तरीके से चार जुलाई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में होगा।

ये देश होंगे शामिल

’’ भारत ने इस महीने गोवा में दो दिवसीय सम्मेलन में एससीओ के विदेश मंत्रियों की मेजबानी की थी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि एससीओ के सभी सदस्य देशों – चीन, रूस, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान को शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। उसने कहा, ‘‘ईरान, बेलारूस और मंगोलिया को पर्यवेक्षक देशों के रूप में आमंत्रित किया गया है। एससीओ की परंपरा के अनुसार, तुर्कमेनिस्तान को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।’’ विदेश मंत्रालय ने बताया कि छह अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय संगठनों के प्रमुखों को भी शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया गया है। इन संगठनों में संयुक्त राष्ट्र, आसियान (दक्षिणपूर्व एशियाई राष्ट्रों के संघ), सीआईएस (स्वतंत्र देशों के राष्ट्रमंडल), सीएसटीओ (सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन), ईएईयू (यूरेशियाई आर्थिक संघ) और सीआईसीए (एशिया में सहभागिता और विश्वास निर्माण उपायों पर शिखर सम्मेलन) शामिल हैं।

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