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भारतीय मूल के शख्स 39 वर्षीय श्रीनिवास दत्तात्रेय ने माउंट एवरेस्ट को जब फतह कर लिया तो वहीं से पत्नी को जश्न भरा मैसेज किया, लेकिन फिर वह दोबारा कभी नहीं लौट सके।

प्रतीकात्मक फोटो
एक शख्स अपनी जिंदगी ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे ऊंचे मुकाम पर पहुंच गया तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जिस मुकाम तक पहुंचने के लिए वह सपने देखता था, वो सपना साकार हो चुका था। दुनिया की सबसे ऊंची चोटी “माउंट एवरेस्ट” को वह फतह कर चुका था। फिर वहीं से वीडियो बनाया, फोटो खींची और पत्नी को जश्न भरा मैसेज भेजा, लेकिन बाद में लौट कर परिवार संग खुशी मनाने का सपना पूरा नहीं हो सका। माउंट एवरेस्ट को फतह करने वाले शख्स का अचानक सबसे संपर्क टूट गया और फिर उसे अब तक कोई नहीं खोज सका। सिंगापुर की टीम भी इस शख्स को खोज पाने में नाकाम रही।

खोज और बचाव दल 19 मई को माउंट एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचने वाले भारतीय मूल के लापता पर्वतारोही का अपने सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद पता नहीं लगा पाया है। पर्वतारोही की पत्नी ने शनिवार को इंस्टाग्राम पोस्ट में यह जानकारी दी। ‘द स्ट्रेट टाइम्स’ ने पोस्ट के हवाले से लिखा कि विभिन्न पर्वतों की चोटियों पर पहुंचने पर ली गईं अपने पति श्रीनिवास सैनी दत्तात्रेय की तस्वीरें साझा करते हुए 36 वर्षीय संगीतकार सुषमा सोमा ने कहा, “वह 39 वर्ष के थे और उन्होंने अना गौरवशाली व समृद्ध जीवन पूरी निडरता और सकारात्मकता से जिया।”

19 मई को माउंट एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचे थे श्रीनिवास

श्रीनिवास 19 मई को माउंट एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचे थे। उन्होंने इसके बाद अपनी पत्नी को एक संदेश भेजा था, जिसमें उन्होंने बताया था कि वह एवरेस्ट की चोटी पर पहुंच गए हैं। उन्होंने बताया था कि उन्हें ‘सेरेब्रल ओडेमा’ हुआ है और उनके वापस नीचे आने की संभावना नहीं है। ‘सेरेब्रल ओडेमा’ ऊंचाई पर होने वाली एक बीमारी है, जो जानलेवा भी साबित हो सकती है। श्रीनिवास के अभियान का सह-आयोजन करने वाली कंपनियों में से एक ‘नेपाल गाइड ट्रेक्स एंड एक्सपेडिशन’ ने ‘द स्ट्रेट टाइम्स’ को बताया था कि तीन-तीन शेरपाओं का समूह सिंगापुरी व्यक्ति की तलाश कर रहा है। श्रीनिवास की पत्नी ने लिखा कि खोज और बचाव दल अपने सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद श्रीनिवास का पता नहीं लगा पाया है।

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