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एजेंसी समाचार
नई दिल्ली। डायबिटीज लाइफ स्टाइल से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है। ऐसे में खान-पान से जुड़ी छोटी से गलती भी आपके शुगर स्पाइक को बढ़ा सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि कॉफी का सेवन कितना सही है। दरअसल, बहुत से लोगों को सुबह उठते ही कॉफी पीने की आदत होती है। ऐसे में अगर आप दूध वाली कॉफी पी रहे हैं तो, आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि दूध वाली कॉफी कई बार शुगर स्पाइक में अपना योगदान दे सकती है। लेकिन, पहले जानते हैं डायबिटीज में कॉफी पी सकते हैं या नहीं।
डायबिटीज में कॉफी या कैफिन का प्रभाव कुछ खास नहीं है। दरअसल, कॉफी का आपकी इंसुलिन प्रोडक्शन पर कुछ खास प्रभाव नहीं होता। हालांकि, इसके एंटीक्सीडेंट उन कारकों को सही करते हैं जो कि ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित कर सकता है। कॉफी के एंटीआॅक्सीडेंट्स शरीर में सूजन को कम करते हैं और शुगर के कारण सेल्स को होने वाले नुकसानों से बचाते हैं।
साथ ही कॉफी में सबसे प्रसिद्ध घटक कैफीन प्राकृतिक उत्तेजक है और अक्सर लोगों के ब्रेन सेल्स को राहत देने का काम करता है। लेकिन, कुछ लोगों में, कैफीन इंसुलिन संवेदनशीलता को प्रभावित कर सकता है, जिससे शुगर स्पाइक बढ़ सकता है। डायबिटीज में कॉफी पीना शरीर में सूजन को कम कर सकता है। ऐसे में बस आपको इसे बिना दूध और शुगर के लेना है। आप ब्लैक कॉफी बनाएं जो कि गर्म पानी और कॉफी पाउडर से बना हो। साथ ही ध्यान रखें कि आपको दिन भर में 2 बार से ज्यादा कॉफी नहीं पीनी है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये आपके मेटाबोलिक गतिविधियों को खराब कर सकती है और भूख व शुगर मेटाबोलिज्म को प्रभावित कर सकता है। साथ ही ध्यान रखें कि भोजन के बाद कॉफी से बचें। क्योंकि कॉफी सिर्फ कॉफी पीने के बाद ही नहीं बल्कि डायबिटीज वाले लोगों में भोजन के बाद भी शुगर स्पाइक को बढ़ा सकता है। तो, ब्लैक कॉफी पिएं वो भी दो बारी से ज्यादा नहीं।

By Admin

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