पूर्व तानाशाह के बेटे ने फिलीपीन के 17वें राष्ट्रपति के रूप में ली शपथ
फिलीपीन में पूर्व तानाशाह फर्डिनेंड मार्कोस के बेटे मार्कोस जूनियर ने राष्ट्रपति का चुनाव जीत कर शपथ ग्रहण की। मार्कोस जूनियर को फिलीपीन के लोग बोंग-बोंग बुलाते हैं।
मार्कोस जूनियर ने फिलीपीन के 17वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लियाजूनियर ने मई में हुए राष्ट्रपति चुनाव में अपने प्रतिद्वंद्वी पर 60% वोट से जीत हासिल की थीमार्कोस जूनियर के पिता क्रूर शासक हुआ करते थे, वैश्विक स्तर पर उनकी काफी आलोचना हुई
फिलीपीन में पूर्व तानाशाह के बेटे फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने गुरुवार को देश के 17वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। बता दें कि उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते का स्थान लिया। दुतेर्ते ने अपना 6 साल का कार्यकाल पूरा किया। फिलिपिन में राष्ट्रपति का कार्यकाल 6 साल का होता है। मार्कोस जूनियर ने मई में राष्ट्रपति चुनाव में प्रतिद्वंद्वी मारिया लियोनोर रोब्रेडो पर 60 प्रतिशत मतों के साथ जीत हासिल की थी।
राष्ट्रपति शपथ समारोह में देश के तीन पूर्व राष्ट्रपति हुए शामिल
राजधानी मनीला के राष्ट्रीय संग्रहालय में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। राष्ट्रपति शपथ समारोह के लिए 15000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था। विदेशी गणमान्य व्यक्तियों, राजनयिकों और तीन पूर्व राष्ट्रपति फिदेल रामोस, जोसेफ एस्ट्राडा और ग्लोरिया मैकापगल अरोयो ने हिस्सा लिया। शपथ ग्रहण से पहले, निवर्तमान नेता रोड्रिगो दुतेर्ते ने मलकानांग राष्ट्रपति भवन में मार्कोस की अगवानी की।
मार्कोस ने जनता से विकास को लेकर किया वादा
मार्कोस प्रशासन से लोगों को उम्मीद है कि अब फिलीपींस की कई समस्याओं का समाधान होगा। जैसे- बेरोजगारी, महंगाई दर, सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के लिए एक उच्च ऋण-सेवा अनुपात, गैस और तेल की बढ़ती कीमतें आदि का निवारण किया जाएगा। पिछले हफ्ते, मार्कोस ने कहा कि वह पद ग्रहण करने के बाद अस्थायी रूप से कृषि सचिव के रूप में काम करेंगे, क्योंकि देश में खाद्य आपूर्ति की समस्या काफी गंभीर है। मार्कोस ने गरीबी रेखा को कम करने का भी वादा किया था। सरकारी आंकड़ों की मानें तो, देश की लगभग 110 मिलियन आबादी में से 23.7 प्रतिशत की लोग गरीबी में रहते हैं।
मार्कोस के पिता थे क्रूर तानाशाह
फिलीपीन में इस घटना को हाल के इतिहास में सबसे बड़ी राजनीतिक वापसी में से एक माना जा रहा है। लेकिन, मार्कोस के विरोधियों का कहना है कि उनके परिवार की छवि सुधरने के बाद ही ऐसा हो सका है। फिलीपीन के तानाशाह और फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर के पिता फर्डिनेंड मार्कोस को 36 साल पहले सेना के समर्थन से सत्ता से बेदखल कर दिया गया था। जनता के इस विद्रोह के परिणामस्वरूप मार्कोस जूनियर के पिता की वैश्विक स्तर पर काफी आलोचना हुई थी। इसके बाद फिलीपीन में लोकतांत्रिक राजनीति का स्तर ऊपर उठा। मार्कोस जूनियर के पिता के शासनकाल में अत्याचारों का सामना करने वाले कार्यकर्ताओं और कुछ अन्य लोगों ने मार्कोस जूनियर के राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने का विरोध किया है।











