नौकरी शुरू करते ही लोगों को रिटायरमेंट (सेवानिवृत्ति) की चिंता सताने लगती है। जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, रिटायरमेंट की योजना बनाने के लिए समय कम बचता है। नौकरी के बाद खुशहाल जीवन जीने के लिए पर्याप्त वित्तीय सुरक्षा के लिहाज से बढ़ती महंगाई का ध्यान रखना पड़ता है और निवेश संबंधी सही फैसले लेने पड़ते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि योजना बनाने का मतलब उस अनुमानित रकम की गणना करने से है, जिसकी आवश्यकता रिटायरमेंट के बाद होगी। इसकी गणना करते समय महंगाई का खासतौर पर ध्यान रखें और उसी हिसाब से लक्ष्य तय कर निवेश करें। उन्हीं पेंशन योजनाओं में निवेश करें, जिन पर महंगाई का ज्यादा असर न हो और रिटायरमेंट फंड का मूल्य महंगाई की वजह से ज्यादा कम न हो।
इन पर भी रखें नजर
मासिक खर्च…रिटायरमेंट की योजना बनाते समय मासिक खर्चों का भी ध्यान रखना जरूरी है। दरअसल, रिटायरमेंट के बाद आपके पास आय का नियमित स्रोत खत्म हो जाता है। ऐसे में परिवार की नियमित जरूरतों और मासिक खर्चों को पूरा करने के लिए पर्याप्त वित्तीय कोष बनाना जरूरी है। मासिक खर्चों और नियमित जरूरतों के अलावा रिटायरमेंट के बाद अप्रत्याशित वित्तीय आपात स्थितियों के लिए भी पर्याप्त पूंजी रखना जरूरी है।
जीवन प्रत्याशा…कोई व्यक्ति कितने समय तक जीवित रहेगा, इसका सही अनुमान लगाने का कोई तरीका नहीं है। इसलिए पेंशन योजना खरीदते समय इस बात का ध्यान रखें कि कौन सी रिटायरमेंट पेंशन योजना आपके बुढ़ापे के दिनों में आपकी सभी वित्तीय जरूरतें पूरी कर सकती है।
मेडिकल खर्च…युवा अक्सर भविष्य के मेडिकल खर्चों की उपेक्षा करते हैं। हालांकि, बुढ़ापे में जांच और इलाज पर बहुत अधिक खर्च करना पड़ सकता है। ऐसे में आप जो पेंशन योजना ले रहे हैं, वह किसी भी प्रकार की मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त फंड मुहैया कराए। इसके अलावा, ऐसे स्वास्थ्य बीमा का चुनाव करें, जिसमें सामान्य बीमारियों से सुरक्षा देने के साथ डॉक्टर के नियमित दौरे, जांच और इलाज खर्च कवर हो।
रिटायरमेंट के बाद आपको अपने और आश्रितों के भरणपोषण के लिए कितने धन की आवश्यकता होगी, इस पर जरूर ध्यान दें। इसी हिसाब से विभिन्न योजनाओं में निवेश करें।
रिटायरमेंट का समय नजदीक आने के साथ जोखिम लेने की क्षमता कम होती जाती है। इसलिए ऐसे निवेश विकल्प चुनें, जो सुरक्षित और लिक्विड दोनों हों।
रिटायर होने के पहले जितना हो सके, अपने कर्ज में कटौती करें। लेने के पहले इस बिंदु पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
विभिन्न उत्पादों की तुलना करें
बाजार में अलग-अलग रिटायरमेंट योजनाएं उपलब्ध हैं। सबकी तुलना कर उन्हीं योजनाओं में निवेश करें, जो आपकी वित्तीय अपेक्षाओं पर खरा उतरें। आप जोखिम लेने की क्षमता और लक्ष्य के आधार पर इक्विटी, डेट और फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश कर सकते हैं।











