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नई दिल्ली: एक हैरान करने वाली घटना में, महाराष्ट्र के गोठाणे गांव के पास सह्यादारी टाइगर रिजर्व में एक बंगाल मॉनिटर छिपकली के साथ बलात्कार करने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहचाने गए चारों आरोपियों ने गोथाने के गाभा इलाके में सह्यादरी टाइगर रिजर्व के कोर जोन में प्रवेश किया और एक बंगाल मॉनिटर छिपकली के साथ बलात्कार किया। इनमें तीनों आरोपियों की पहचान संदीप तुकाराम पवार, मंगेश कामटेकर, अक्षय कामटेकर, रमेश तुकाराम घग के रूप में हुई है।
महाराष्ट्र वन विभाग ने शुरू में आरोपियों को शिकार के आरोप में पकड़ा था, क्योंकि वे जंगल में घूमते सीसीटीवी में कैद हो गए थे। जैसे ही अधिकारियों ने आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच की, उन्हें बंगाल मॉनिटर छिपकली के साथ बलात्कार का वीडियो मिला। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों ने साढ़े चार फीट लंबी बंगाल मॉनिटर छिपकली से न सिर्फ रेप किया बल्कि गैंगरेप की वारदात को भी रिकॉर्ड कर लिया।
अधिकारियों को उनके मोबाइल फोन पर खरगोश, साही और हिरण की तस्वीरें भी मिलीं। सांगली वन अभ्यारण्य में तैनात वन अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी को गिरफ्तार किया था जिसमें वे जंगल के अंदर घूमते देखे जा सकते हैं। जब सीसीटीवी ने उन्हें जंगल के अंदर दिखाया, तो गोथाने के गाभा इलाके में वन रक्षक मौके पर पहुंचे, लेकिन उनमें से केवल एक को पकड़ने में कामयाब रहे, जबकि बाकी भाग गए। पकड़े गए व्यक्ति के पास से फोन में बंगाल की मॉनिटर छिपकली से रेप का वीडियो मिला।
वारदात को उसी फोन से रिकॉर्ड किया गया, जिसमें चार आरोपियों में से एक को बलात्कार करते हुए दिखाया गया था। जांच के बाद, अन्य तीन आरोपियों को बाद में रत्नागिरी जिले के हटिव गांव से पकड़ा गया। इनके पास से वन अधिकारियों ने दो पिस्टल और दो मोटरसाइकिल भी बरामद की हैं। अधिकारियों के मुताबिक आरोपी कोंकण से कोल्हापुर के चंदोली गांव में शिकार करने आया था।
अधिकारियों ने अब इस मामले को कानून विशेषज्ञों के साथ उठाने का फैसला किया है ताकि उनके खिलाफ एक जानवर के बलात्कार के आरोप में उनके खिलाफ दायर किए जाने वाले प्रासंगिक आरोपों पर चर्चा की जा सके। अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा और उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बंगाल मॉनिटर छिपकली वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत एक आरक्षित प्रजाति है। आरोपियों को दोषी पाए जाने पर सात साल के कारावास की सजा दी जा सकती है। वहीं, सोशल मीडिया पर खबर आते ही गुस्से से लाल लोग पूछ रहे हैं कि हवस ने छिपकली को भी नहीं छोड़ा।

By Admin

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