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इस्लामाबाद. पाकिस्तान में इस समय राजनीतिक उथल-पुथल का दौर चल रहा है। प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव ने खान की सत्ता के लिए संकट खड़ा कर दिया है। इस मुद्दे पर हो रही बहसों के बीच यहां के विपक्षी दल पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष विलावल भुट्टो जरदारी ने बुधवार को इस्लामाबाद में मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) के खालिद मकबूल सिद्दीकी और राष्ट्रीय अलेंबली में विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता की।

यहां बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा कि चुनाव के नाम पर इमरान खान का प्रधानमंत्री के रूप में चयन पूरे पाकिस्तान के खिलाफ एक साजिश थी। उन्होंने कहा कि शहबाज शरीफ ने प्रधानमंत्री को इस्तीफा देने के लिए चुनौती देकर ठीक किया है। हम समझते हैं कि प्रधानमंत्री ने अभी तक कोई जिम्मेदारी का प्रदर्शन नहीं किया है। पीपीपी अध्यक्ष ने दावा किया कि अब इमरान खान पास कोई और विकल्प नहीं बचा है। वह अब प्रधानमंत्री नहीं हैं। उन्हें प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा देना ही होगा।

इमरान इस्तीफा नहीं देंगे: फवाद
इस बीच पाकिस्तान के मंत्री फवाद चौधरी ने ट्वीट किया कि इमरान खान ऐसे खिलाड़ी हैं, जो आखिरी गेंद तक लड़ते हैं। इस्तीफा नहीं होगा। एक मैच होगा, दोस्त और दुश्मन दोनों इसे देखेंगे।

संबोधन टला
वहीं, सरकार गिरने की आशंका के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का आज देश को संबोधन टाल दिया गया है। इसकी आधिकारिक वजह का अब तक एलान नहीं किया गया है। दरअसल, अविश्वास प्रस्ताव से पहले इमरान खान की सरकार की विदाई लगभग तय हो गई है। पीएम इमरान खान की पार्टी पीटीआई के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन से मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट- पाकिस्तान (MQM-P) ने भी नाता तोड़ लिया है। उसने अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान में विपक्ष का साथ देने का एलान किया है।

By Admin

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