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नई दिल्ली.शुक्रवार को एक बार फिर शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली है। बाजार लाल निशान पर खुला और देखते ही देखते धराशायी हो गया। इस दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 997 अंक तक टूट गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सेंज का निफ्टी सूचकांक 294 अंक तक फिसल गया। गौरतलब है कि साल 2022 शुरू होने के बाद डेढ़ महीने के भीतर ही सेंसेक्स में ये तीसरी सबसे बड़ी गिरावट है।

बाजार में गिरावट के प्रमुख कारण
शुक्रवार को बाजार में आई भारी गिरावट की प्रमुख वजह की बात करें तो अमेरिका में महंगाई दर का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया, जो कि 40 साल के नए उच्च स्तर पर पहुंच चुकी है। गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में मुद्रास्फीति दर 7.5 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा मार्च से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है, इसका प्रभाव भी देखने को मिल रहा है। वहीं रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध की संभावना भी वैश्विक बाजारों के साथ घरेलू बाजार में गिरावट का कारण बन रही है।

कोरोना काल में सबसे बड़ी गिरावट
साल 2020 में कोरोना महामारी का दौर शुरू होने के बाद से शेयर बाजार कई बार धराशयी हुआ है। सेंसेक्स ने महामारी के दौरान अब तक के इतिहास की कई बड़ी गिरावटें देखी हैं। इनमें सबसे बड़ी गिरावट 23 मार्च 2020 को आई थी जब सेंसेक्स 3934 अंक टूट गया था। इसके बाद कई ऐसे मौके आए जब सेंसेक्स ने निवेशकों का भारी नुकसान कराया। यह सिलसिला 2022 में भी देखने को मिल रहा है और महज डेढ़ महीने के भीतर ही कई बार टूट चुका है, इस बीच तीन बड़ी गिरावटें इसमें देखी गई हैं।

By Admin

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