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लखनऊ. विधानसभा चुनाव में राम मंदिर निर्माण की लहर बहा रही भाजपा के राष्ट्रवाद को धार देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़ाने जा रही है। भाजपा के साथ मुख्यमंत्री के करीबी लोगों ने अयोध्या में योगी की चुनावी जमीन तैयार करना शुरू कर दिया है। उधर, बुधवार को भाजपा की कोर कमेटी की बैठक में भी योगी को अयोध्या से चुनाव लड़ाने पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है। वहीं शीर्ष नेतृत्व ने भी योगी को अयोध्या से लड़ाने की मंजूरी दी है।
विधानसभा चुनाव में भाजपा 80 बनाम 20 के नारे के साथ में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर निर्माण और भविष्य में मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण को मुद्दा बना रही है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सत्ता संभालते ही अयोध्या को अपनी सर्वोच्च प्र्राथमिकता में रखा। योगी ने दीपावली पर हर वर्ष अयोध्या में दीपोत्सव के आयोजन के साथ अयोध्या के घाटों, मंदिरों के साथ समूची अयोध्या के विकास पर जोर दिया है।
चुनाव में अयोध्या और राष्ट्रवाद के नाम पर ध्रुवीकरण के लिए भाजपा ने योगी को अयोध्या से चुनाव लड़ाने की तैयारी की है। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि सीएम योगी के अयोध्या से चुनाव लड़ने से ना केवल देश में अच्छा संदेश जाएगा बल्कि अवध और पूर्वांचल की सीटों पर भी भाजपा को बढ़त मिलेगी।

….तो गीत सटीक बैठ जाएगा
योगी के अयोध्या से चुनाव लड़ने पर भजन गायक कन्हैया मित्तल की ओर से गाया गया भजन ‘जो राम को लाए हैं हम उनको लाएंगे’… भजन सटीक बैठेगा। चुनाव में भाजपा इसी भजन के जरिये प्रचार प्रसार कर रही है।

काशी से मोदी, अयोध्या से योगी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी से सांसद है, 2014 में मोदी ने यूपी को साधने के लिए काशी से चुनाव लड़ना तय किया था। उनका यह प्रयोग 2014 और 2019 में सफल रहा। काशी और अयोध्या बहुसंख्यक समाज की आस्था के केंद्र है। अब अयोध्या से योगी को चुनाव लड़ाकर भाजपा अपने बहुसंख्यक वोट बैंक को साधना चाहती है।

केशव भी लड़ सकते हैं चुनाव
भाजपा उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को भी कौशांबी की सिराथू सीट या प्रयागराज से भी चुनाव लड़ा सकती है।

By Admin

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