Share

भारी बारिश से प्रभावित उत्तराखंड में अबतक 54 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि बारिश से जुड़ी घटनाओं में 19 लोग घायल हुए हैं और पांच लोग अब भी लापता हैं। राज्य में बारिश और भूस्खलन से अबतक 46 मकानों को नुकसान हुआ है। गौरतलब है कि, राज्य में बारिश और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या सबसे ज्यादा नैनीताल में है। नैनीताल में अबतक 27लोगों की मौत हो चुकी है जबकि इसके बाद चंपावत में 11 लोगों की अबतक मौत हो चुकी है। बारिश के चलते हुए भूस्खलन से राज्य में अनेक सड़कें अवरुद्ध हो गई आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चंपावत में 17 अक्टूबर को 1, 18 अक्टूबर को 2 जबकि 19 अक्टूबर को 8 लोगों की बारिश और भूस्खलन की वजह से मौत हुई है। वहीं 18 अक्टूबर को पौड़ी में 3 और पिथौरागढ़ में 3 लोगों की मौत हुई है। वहीं 19 अक्टूबर को नैनीताल के अलग-अलग ब्लॉक में सबसे ज्यादा कुल 28 लोगों की मौत हुई है जबकि 2 लोग घायल हुए हैं और 5 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। अलमोड़ा के विभिन्न ब्लॉकों में 19 अक्टूबर को 6 लोगों की मौत हुई है जबकि 2 लोग घायल हुए हैं और 40 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। 19 अक्टूबर को उधमसिंह नगर में 2, बागेश्वर में 1 लोगों की मौत हुई है। उधम सिंह नगर में 3 लोग घायल हुए हैं जबकि चमोली में 4 लोग घायल हुए हैं।हैं और अनेक गांवों में बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उत्तराखंड के बारिश से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लेने के लिए बुधवार देर रात यहां पहुंचे। राज्य में लगातार तीन दिन तक हुई बारिश ने बहुत तबाही मचाई। यहां बारिश संबंधी घटनाओं में 52 लोगों की मौत हुई है। सड़कें, पुल तथा रेलवे पटरियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं और खेतों में खड़ी फसलों को भी बहुत नुकसान पहुंचा। शाह, जॉली ग्रांट हवाई अड्डे पर बुधवार मध्यरात्रि पहुंचे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट और भाजपा की उत्तराखंड इकाई के अध्यक्ष मदन कौशिक ने उनकी अगवानी की। शाह बारिश से प्रभावित इलाकों का बृहस्पतिवार को हवाई सर्वेक्षण करेंगे।

By Admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *