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एजेंसी न्यूज
लखनऊ। समूचे विश्व में भय का माहौल बनाने वाले कोरोना वायरस का एक भी पॉजिटिव केस उत्तर प्रदेश में नहीं है। प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह का यह दावा है। स्वास्थ्य मंत्री ने मीडिया से वार्ता में कहा कि प्रदेश में 175 संदिग्ध मरीजों के सैम्पल लिए गए थे, जिनमें से 157 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
शेष 18 में से आगरा के छह और गाजियाबाद के एक मरीज में वायरल लोड ज्यादा पाया गया है, जिनका दिल्ली में इलाज चल रहा है। बाकी सैम्पल कन्फर्मेशन रिपोर्ट के लिए एनआईवी पुणे भेजे गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इसके बावजूद उपचार के सभी प्रबंध पूरे हैं। जिला अस्पतालों में 820 बेड और सात मेडिकल कॉलेज में आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। प्रदेश में सर्वाधिक विदेशी वाराणसी और लखनऊ हवाई अड्डे पर आते हैं। इन दोनों जगह पर अब तक 7684 यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। अब तक कुल दस लाख यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई है। आगरा के 66 लोगों को 24 घंटे के अंदर ट्रैक किया। इससे प्रभावित लोगों की लगातार पड़ताल की जा रही है।
निदेशक संक्रामक रोग डॉ. मिथलेश चतुर्वेदी ने बताया कि कोरोना से मृत्यु दर कम हो गई है। पहले यह 2.1 फीसद थी, जो एक फरवरी के बाद मात्र 0.7 प्रतिशत रह गई है। उन्होंने कहा कि जनता घबराए नहीं, इसकी संक्रमण क्षमता भी मीजल्स से कम है। मीजल्स का वायरस एक व्यक्ति से 16 लोगों में फैल सकता है, कोरोना की संक्रमण दर मात्र 2.3 है। निदेशक ने कहा कि मास्क लगाने की जरूरत भी सिर्फ मरीज या उसको अटेंड करने वाले को है। यह वायरस हवा या खानपान से नहीं फैलता। कोई संक्रमित हो तो उसके खांसने या छींकने पर उसका संक्रमण डेढ़ मीटर तक स्थित व्यक्ति या वस्तु पर जा सकता है। निदेशक ने बार-बार हाथ धोने और भीड़भाड़ वाले इलाके में न जाने की खास सलाह दी है। विदेशों से आये लोग अपने आप का ज्यादा ध्यान रखें।

By Admin

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