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अयोध्या। रेप इन इंडिया के बयान पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार बीजेपी नेताओं के निशाने पर हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चैबे ने कहा कि इस बयान से मातृ शक्ति का अपमान हुआ है। ऐसा बयान देने वालों को पागलखाने में बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहाकि कांग्रेस दुनियां में देश की छवि खराब करने का प्रयास कर रही है। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के संत कबीर सभागार में आयोजित अवध मिथिला सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए केंद्रीय राज्यमंत्री ने अयोध्या विवाद के वर्षों तक लटके रहने के लिए भी इशारों में कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया।
कहा, पूर्ववर्ती सरकारों ने वर्षों तक इस मामले को लटकाए रखा और हिंदू-मुस्लिम के बीच दूरी पैदा करने की कोशिश की गई, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सभी वर्गों के लोगों ने खुले हृदय से स्वीकार किया। उन्होंने अपने संकल्प का भी जिक्र किया। कहा, मंदिर आंदोलन के दौरान गिरफ्तार होने की वजह से अयोध्या नहीं पहुंच सका था। इसीलिए संकल्प लिया था कि जब तक निर्णय नहीं आएगा, तब तक अयोध्या नहीं आऊंगा। प्रथम अयोध्या आगमन पर भावुक दिखे केंद्रीय मंत्री ने कहाकि जब भी जन्म मिले तो इसी भारत भूमि और अयोध्या में। उन्होंने अयोध्या और मिथिला के संबंधों को अटूट बताया। इससे पहले हनुमानगढ़ी, कनकभवन जाकर भगवान का दर्शन पूजन किया।

प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने कहाकि यदि भगवान राम और माता जानकी का विवाह नहीं होता तो शायद विवाह का संस्कार भी इतना व्यापक और स्वीकार्य नहीं होता। परिवार की परिकल्पना भी नहीं होती। उन्होंने कहाकि अवध-मिथिला का संबंध संस्कृतियों का मिलन है। इसीलिए जिन घरों में रामायण नहीं, वहां भी लोग राम और माता जानकी के बारे में जानते हैं। कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने कहाकि अयोध्या का आध्यात्मिक व सांस्कृतिक के साथ ही पर्यटन विकास भी होना चाहिए। पर्यटन विकास के लिए स्थानों की आपस में नेटवर्किंग होनी आवश्यक है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सम्मेलन से निकला निष्कर्ष निश्चित रूप से अयोध्या के पर्यटन को नया आयाम देगा। जिलाधिकारी अनुज झा ने मिथिला की सांस्कृतिक विशेषता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने किया। उन्होंने विषय पर भी प्रकाश डाला। इस मौके पर प्रति कुलपति प्रो. एसएन शुक्ला, प्रॉक्टर प्रो. आरएन राय, प्रो. अशोक शुक्ला, प्रो. विनोद श्रीवास्तव, प्रो. जितेंद्र नारायण, प्रो. शशिनाथ झा, प्रो. एसएस मिश्र, इंडिया ङ्क्षथक काउंसिल के निदेशक सौरभ पांडेय, डॉ. अंशुमान पाठक, डॉ. महेंद्र पाल, श्रीलंका के पर्यटन मंत्रालय के उपनिदेशक जीवना फर्नांडो, शांतनु गुप्ता, यशोदीप देवधर, भाजपा जिलाध्यक्ष अवधेश पांडेय बादल, सरोज दत्त, चंदना दत्त आदि थे।

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