मदकोर्ट (पिथौरागढ़)। पिथारागढ़ जिले के तहसील बंगापानी के दुर्गम और दूरस्थ तौमिक गांव झापुली तोक में बिना बारिश के ही अचानक बस्ती के निकट स्थित एक पहाड़ दरक गया। इस दौरान जंगल में चरने गए दस से बारह जानवर मलबे में दब गए। जानवरों के साथ गए तीन ग्रामीणों ने भाग कर जान बचाई। भागने के दौरान गिरने से उन्हें भी हल्की फुल्की चोट आ गईं। पेयजल लाइन, बिजली पोल ध्वस्त हो चुके हैं। सारे खेत मलबे से पट गए हैं। इस स्थल से स्थित तल्ला झापुली तोक गांव को खतरा पैदा हो गया है।
इस क्षेत्र में भी जिले के अन्य क्षेत्रों की तरह चटक धूप खिली थी। सब कुछ सामान्य नजर आ रहा था, परंतु झापुली तोक गांव के निकट के पहाड़ के अंदर हलचल चल रही थी। अचानक अपराह्न को तेज आवाज के साथ पहाड़ दरकने लगा। पहाड़ के दरकने से आई आवाज से गांव में भगदड़ मच गई। पहाड़ दरक रहा था और धूल का गुबार उठता हुआ नजर आ रहा था। इस दौरान पहाड़ के आसपास चर रहे दस से बारह जानवर मलबे में दब गए। जानवरों के साथ गए तीन ग्रामीणों ने भाग कर जान बचाई। पहाड़ से गिरे मलबे से सारे खेत पट चुके हैं। पेयजल लाइन और बिजली के पोल ध्वस्त हो चुके हैं। गांव की जलापूर्ति ठप है।











