नार्थ सेंट्रल रेलवे के प्रयागराज मंडल ने रेलवे भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। गऊघाट क्षेत्र में सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया गया। अतिक्रमण के खिलाफ अभियान के दौरान लगभग 6500 वर्ग मीटर रेलवे भूमि कब्जा मुक्त कराई गई। इस जमीन की कीमत लगभग 100 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई डीआरएम प्रयागराज मंडल रजनीश अग्रवाल के नेतृत्व में की गई। इस अभियान को अपर मंडल रेल प्रबंधक सामान्य दीपक कुमार ने जिला प्रशासन के सहयोग से सम्पन्न कराय। कार्रवाई में रेलवे, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) एवं सिविल प्रशासन की टीमों ने सहयोग किया। इस अभियान में मंडल इंजीनियर (एस्टेट) वी. के. त्रिपाठी, सहायक मंडल इंजीनियर (ADEN) प्रवीन कुमार श्रीवास्तव व रामचंद्र सिंह, वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (SSE/IOW) शशिकांत तिवारी, SSE/IOW/HQ सत्य प्रकाश सहित रेलवे इंजीनियरिंग विभाग के लगभग 20 कर्मचारी सक्रिय रूप से शामिल रहे। रेलवे सुरक्षा बल की ओर से सहायक सुरक्षा आयुक्त सुरेश यादव एवं प्रभारी निरीक्षक प्रयागराज अमित मीणा अपने लगभग 24 कर्मियों सहित मौजूद रहे। जिला प्रशासन एवं सिविल पुलिस की ओर से एसीपी अतरसुइया निकिता श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार राजेश कुमार यादव सहित विभिन्न थानों कीडगंज, अतरसुइया, कोतवाली, धूमनगंज और खुल्दाबाद के प्रभारी निरीक्षक और लगभग 60 पुलिस कर्मियों की मौजूदगी रही।इससे पहले संभल के कैला देवी क्षेत्र में कथित रूप से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की संरक्षित भूमि पर बनाये गये दो मकानों को बीते रविवार को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया था। लेखपाल नीरज कुमार ने बताया कि सौंधन मोहम्मदपुर गांव में एएसआई की साढ़े पांच बीघा भूमि पर किला बना हुआ है, जिसमें से ढाई से तीन बीघा भूमि पर अवैध कब्जा कर 30 से 32 लोगों ने मकान बना लिये हैं। उन्होंने कहा कि आज दो लोगों के मकान को ध्वस्त किया गया। उन्होंने बताया कि दो लोगों ने खुद ही अपने मकान तोड़ने शुरू कर दिये, वहीं अन्य अवैध कब्जाधारियों को भी जल्द से जल्द अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं।











