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नई दिल्ली। साकेत जिला अदालत परिसर के प्रवेश द्वार पर बृहस्पतिवार को वकीलों ने मुकदमा लड़ने वाले लोगों का फूल देकर स्वागत किया और खुद लगातार चैथे दिन काम से अलग रहे। तीस हजारी अदालत में दो नवंबर को पुलिस के साथ झड़प के विरोध में वकील प्रदर्शन कर रहे हैं।
सभी छह जिला अदालतों तीस हजारी, साकेत, कड़कड़डूमा, रोहिणी, पटियाला हाउस और द्वारका में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। हालांकि आज वादियों और पुलिस को अदालत परिसर के अंदर आने दिया जा रहा है। ऑल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बार एसोसिएशन की समन्वय समिति के महासचिव अधिवक्ता डी एस कसाना ने बताया कि साकेत अदालत में वकीलों और आम लोगों के बीच टकराव के बाद वादियों को अपने अपने मामलों की सुनवाई संबंध में अदालत कक्ष में जाने दिया जा रहा है और मामलों में तिथि लेने के लिये वकीलों की जगह कोई और व्यक्ति उपस्थित हो रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमने वकीलों और मुवक्किलों समेत करीब 1,000 लोगों के लिये भोजन की भी व्यवस्था की है। हमलोग शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। बार के निजी सुरक्षा गार्ड आज सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे हैं।’’
नयी दिल्ली बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आर के वाधवा ने कहा कि पटियाला कोर्ट में मुकदमा लड़ने वालों को भीतर आने दिया जा रहा है और वकीलों की जगह कोई और उपस्थित हो रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हमलोग पुलिस को अदालत परिसर में घुसने और उन्हें अपनी ड्यूटी करने से नहीं रोक रहे हैं। वे अपने कारण से नहीं आ रहे हैं।’’ तीस हजारी अदालत में दिल्ली बार एसोसिएशन के सचिव जयवीर सिंह चैहान ने कहा कि बार अदालत परिसर में सुरक्षा का जिम्मा देख रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘वकील अदालत में आने वाले लोगों की सुरक्षा जांच कर रहे हैं। सभी का स्वागत है। स्थिति यहां शांतिपूर्ण है।’’ रोहिणी अदालत में प्रदर्शन का हिस्सा रहे वकील संजीव कुमार ओझा ने कहा कि मुकदमा लड़ने वाले आ रहे हैं लेकिन उनकी तादाद कम है।

By Admin

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