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परवेज जैदी गांधी
मुरादाबाद। शहर में बड़ी भट्टियां भी कर रहीं है हवा को प्रदूषित। दिल्ली की तरह महानगर में भी बड़ी भट्टियों पर प्रतिबंध लगना चाहिये ताकि दूषित हवा से जनता को निजात मिल सके। महानगर के गली मुहल्लों में एल्युमीनियम गलाने की भट्टियां जोर शोर से चल रही है। किसी भी भट्टी चलाने वाले के पास प्रदूषण विभाग एनओसी आदि नहीं है। नागफनी थाना क्षेत्र के मोहल्ला न्यारियान, डेहरिया, कोहना मुगलपुरा, नवाबपुरा, किसरौल आदि मोहल्लों में और वहीं थाना कटघर व मझोला क्षेत्र के करूला में बड़े पैमाने पर एल्यूमीनियम गलाने का काम बड़ी भट्टियों पर हो रहा है। करूला व जयंतीपुर इलाकों में ढलाई की भट्टियां जमकर प्रदूषण फैला रही हैं।
याद रहे कि इन भट्टियों से निकलने वाला धुआं काफी हानिकारक होता है। जिससे टीबी, दमा जैसी बीमारियों को हवा में घोलकर प्रदूषित कर देता है। जबकि महानगर एक बहुत बड़ा प्रदूषित क्षेत्र माना जा रहा है। इस समय ऐसी भट्टियों के खिलाफ जिला प्रशासन को सख्त से सख्त कार्यवाही करनी चाहिये जो खुलेआम जनता के स्वास्थ्य को हानि पहुंचा रहीं है। लेकिन प्रदूषण विभाग ऐसी भट्टियों के खिलाफ कोई कार्यवाही न करके ऐसा लगता है कि प्रदूषण विभाग की सांठ गांठ से एल्यूमीनियम की भट्टियां महानगर में चलाई जा रही है। इससे निकलने वाली गैस जनता के सीधे फेफड़ों पर असर करती है। इन क्षेत्रों में यदि टीबी की टीमें जांच करायें तो टीबी के अधिक मरीज मिलेंगे।

By Admin

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