आर्थिक तंगी के चलते सात लोगों के परिवार ने मौत को गले लगाया

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रांची। झारखंड की राजधानी रांची में आर्थिक तंगी के चलते एक ही परिवार के सात लोगों की आत्महत्या का मामला सामने आया है। इस परिवार के लोग बिहार में मुंगेर जिले के चिरैयाबाग के मूल निवासी थे। पुलिस मामले की जांच-पड़ताल कर रही है। इससे पहले इसी माह हजारीबाग में एक ही परिवार के छह लोगों के शव मिले थे।
जानकारी के मुताबिक, कांके थाना क्षेत्र के आरसंडे में कोल्ड स्टोरेज के समीप दीपक झा परिवार के सात सदस्यों ने आत्महत्या कर ली। दीपक मेडिसिन कंपनी में कार्यरत थे। दीपक के पिता रेलवे में कार्यरत थे। वह आर्मी से रिटायर अलक नारायण मिश्रा के घर में किराये के मकान में रहते थे। सोमवार की सुबह मकान मालिक ने देखा, तो मामले की जानकारी कांके पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद एसएसपी अनीश गुप्ता, ग्रामीण एसपी अजित पीटर डुंगडुंग समेत कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच कर जांच कर रहे है। एफएसएल की टीम को जांच के लिए सूचना दी गई है। फिलहाल कमरे के अंदर जाने से पुलिस ने सबको मना किया है। एफएसएल की टीम के पहुंचने के बाद जांच शुरू होगी। डॉग की टीम की भी पुलिस मदद ले रही है। आत्महत्या करने वालों में दीपक झा, उनकी पत्नी सोनी देवी, भाई रूपेश झा, माता, पिता, एक बेटा जंगू और बेटी दृष्टि शामिल है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, दीपक झा बेटे की बीमारी को लेकर काफी परेशान चल रहा था। बेटे के इलाज के लिए कई लोगों से पैसे कर्ज पर लिया था। कर्ज के कारण काफी तनाव में रहता था। पैसे खर्च करने के बाद भी बेटे की बीमारी ठीक नही हो रही थी। जिसके बाद परेशान होकर दीपक ने यह कदम उठाया। हालांकि, पुलिस भी अपने स्तर से आसपास के लोगों से पूरे मामले में पूछताछ कर रही है। इधर, एसएसपी अनीश गुप्ता ने कहा कि प्रथम दृष्टया में मामला सुसाइड प्रतीत होता है। पुलिस की टीम पूरे मामले की जांच कर रही है। डीआईजी अमोल वेणुकान्त होमकर ने मौके पर पहुंच कर मकान मालिक अलक नारायण मिश्र से पूछताछ की। डीआईजी के साथ एसएसपी अनीश गुप्ता भी मौजूद थे।
इस बीच, दीपक झा की ओर से लिखा गया सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमे आर्थिक तंगी की बात लिखा है। पुलिस ने इसे जब्त कर लिया है। बेटा जंगू के इलाज में लगातर खर्च हो रहा था। दीपक झा मेन रोड की एक फर्नीचर दुकान में सेल्समैन थे। पहली नजर में प्रतीत हो रहा है कि उनकी मां और बेटी की गला रेतकर हत्या की गई है। फिलहाल पुलिस कुछ भी स्पष्ट रूप से बता पाने में असमर्थता जता रही है। ऐसे साफ संकेत मिल रहे हैं कि परिवार आर्थिक संकट में था। हालांकि पुलिस की जांच हत्या और आत्महत्या दोनों एंगल पर चल रही है।
गौरतलब है कि रांची के कोकर स्थित रिवर्सा अपार्टमेंट में नौ अक्टूबर, 2016 को एक डॉक्टर के परिवार के छह लोगों ने आत्महत्या कर ली थी। सिर्फ डॉक्टर सुकांतो सरकार ही बचे थे, जिन पर हत्या का आरोप लगाया जा रहा था। बाद में सुकांतो सरकार की भी मौत हो गई थी।
याद आ गया बुराड़ी कांड
गौरतलब है कि इससे पहले इसी माह में दिल्ली की बुराड़ी घटना लोगों के जहन के कौंध गई जिसमें 11 लोगों ने एक साथ सुसाईड किया था। इस केस की गुत्थी भी अभी तक नहीं सुलझी है।

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