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हुकूमत एक्सप्रेस
मुरादाबाद। खाने पीने की चीजो ंमें अक्सर मिलावटखोरी सामने आती रहती है मगर सबसे जरूरी और रोजमर्रा प्रयोग में आने वाले आटे में मिलावट की खबर सामने आयी तो हर कोई सन्न रह गया। जी हां अब आंटा भी प्लास्टिक का आ गया है।
अगर आप भी बाजार से गेंहू का आटा खरीदकर लाते है तो ये खबर आपके लिए हैं. जी हां, क्योंकि बाजार में प्लास्टिक के चावल, अंडे के बाद अब प्लास्टिक और रबड़ से बना आटा मार्केट में बेचा जा रहा है. आटे में मिलावट का ये खेल हापुड़ जनपद से सामने आया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, हापुड़ कोतवाली क्षेत्र के मजीदपुरे में एक व्घ्यक्ति घर में बाजार से आटा लेकर आया और उसने अपनी पत्नी से रोटी बनाने के लिए कहा. जब उसकी पत्नी आटे को गूंथ रही थी तो आटा प्लास्टिक और रबड़ की तरह खिंचने लगा. पति ने भी जब आटे को प्लास्टिक और रबड़ की तरह खिंचते देखा तो उसके होश उड़ गए।
ये बात मोहल्ले में आग की तरह फैल गई. लोगों ने आटे को दोबारा गूंथकर देखा तो वो भी हैरान रह गए. आटा प्लास्टिक या रबड़ की तरह खिंचने लगा था. लोगों ने कैमरे के सामने आटे को गूंथकर दिखाया. जिसमें आटा तो पानी में घुल गया लेकिन बाद में प्लास्टिक/ रबड़ जैसी खिंचने वाली चीज रह गई. लोगों ने आटे से निकली प्लास्टिक/ रबड़ को जलाया तो वो जलने लगी. जिसके बाद खाद्य विभाग को सूचना दी गई।
खाद्य विभाग की टीम ने जिस दुकान से आटा खरीदा वहां से तीन सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए है. शिकायतकर्ता इंसाफ का कहना है कि पिछले दो माह से खाना खाने के बाद उसके पेट में दर्द रहता था, उसने अपनी पत्नी को आटा सही से गूंथने के लिए कई बार कहा और गैस पर रोटी न बनवाकर चूल्हे पर रोटी बनवाई. फिर भी कोई फर्क नहीं पड़ा. जिसके चलते कई बार घर में मारपीट भी हुई. आटे में प्लास्टिक/ रबड़ जैसी चीज देखने को मिली तो हैरान रह गया।
पीड़ित का आरोप है कि जब वह आटे को लेकर आटा बनाने वाली कंपनी के पास शिकायत लेकर पहुंचा तो उसके मालिक ने उसे रिश्वत देकर मामले को दबाने की कोशिश की। एडीएम रजनीश रॉय ने बताया कि जिस कंपनी का आटा है, उसके पैकेट पर कोई भी बैच नंबर, मैनीफेक्चिरिंग, एक्सपायरी डेट मौजूद नहीं थी. जिसके चलते कंपनी पर शक और भी गहरा गया. फिलहाल आटे के नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए गए हैं।

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