एजेंसी न्यूज
दिल्ली। बीते दिनों में अमेरिका-ईरान संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित होने के दौरान देश में एलपीजी की उपलब्धता पर दबाव बढ़ गया था। गैस की कमी को देखते हुए केन्द्र सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिग में बदलाव किए थे। वहीं, अब इस अंतराल को घटाकर 25 दिन कर दिया है। इस फैसले के साथ अब ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी रिफिल बुकिंग का नियम समान हो गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों केघरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए गैस सिलेंडर की दोबारा बुकिंग के लिए पहले से लागू प्रतिबंधों में ढील देने का निर्णय लिया है।
इससे पहले उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को राहत देने के लिए सरकार ने वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति को संकट-पूर्व खपत स्तर के 50 प्रतिशत तक बहाल करने की अनुमति भी दी थी, ताकि उत्पादन और व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित न हों।
केंद्रीय पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस एवं पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने सोमवार को कहा कि देश में एलपीजी आपूर्ति की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार और लंबित रिफिल बुकिंग में भारी कमी आने के बाद सरकार ने नियमों में बदलाव किए। सरकार ने शहरी उपभोक्ताओं को 25 दिन के अंतराल पर रिफिल बुकिंग की अनुमति दी थी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के ग्राहकों के लिए यह अवधि 45 दिन निर्धारित की गई थी।
पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा तेल विपणन कंपनियों (डटउ)को भेजे गए निर्देश की प्रति भी साझा की, जिसमें इस संशोधित व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा गया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब सरकार द्वारा ऊर्जा संकट के दौरान उठाए गए विभिन्न कदमों के कारण एलपीजी की उपलब्धता में सुधार हुआ है।
अमेरिका-ईरान सघर्ष से एलपीजी पर असर
वैश्विक तेल एवं गैस आपूर्ति शृंखलाओं में आए व्यवधानों के बावजूद घरेलू मांग को पूरा करने के लिए सरकार लगातार स्थिति की निगरानी कर रही थी। जून में सरकार ने वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति पर लगाए गए प्रतिबंध भी वापस ले लिए थे। इसके तहत पेट्रोलियम मंत्रालय ने तेल विपणन कंपनियों को गैर-घरेलू पैक्ड एलपीजी की आपूर्ति को संघर्ष-पूर्व स्तरों के अनुसार सामान्य करने का निर्देश दिया था।
फरवरी में अमेरिका-इजरायल और ईरान से जुड़े संघर्ष तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग व्यवधान के बाद वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया था। उस समय सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों का उपयोग करते हुए एलपीजी की घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करने और संभावित कमी से बचाव के लिए विभिन्न नियंत्रणात्मक उपाय लागू किए थे।











