इंडियन एयरफोर्स के एक दस्तावेज ने पाकिस्तान के झूठ की पोल खोल दी

9
Share

इंडियन एयरफोर्स के एक दस्तावेज ने पाकिस्तान के झूठ की पोल खोल दी है। वायुसेना के टेंडर में सभी 36 राफेल फाइटर जेट के रखरखाव, टेक्निकल सपोर्ट और लॉजिस्टिक सपोर्ट के लिए टेंडर मांगा गया है।
भारतीय वायुसेना के एक दस्तावेज ने पाकिस्तान के उस सफेद झूठ की धज्जियां उड़ा दी हैं जिसमें वो दावा कर रहा था कि उसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के राफेल लड़ाकू विमानों को मार गिराया। इंडियन एयरफोर्स की तरफ से एक टेंडर जारी किया गया है जिसमें भारत और फ्रांस के बीच हुए समझौते के तहत खरीदे गए सभी 36 राफेल फाइटर जेट के रखरखाव, टेक्निकल सपोर्ट और उड़ानों के लॉजिस्टिक सपोर्ट के लिए पैकेज तैयार किया गया है।इंडियन एयरफोर्स ने फ्रांस की कंपनी सैफ्रान एयरक्राफ्ट इंजिन्स को जारी किए गए एक नए Request for Proposal में सभी 36 राफेल विमानों के रखरखाव और टेक्निकल ब्रिज सपोर्ट पैकेज की मांग की है। इसका मतलब साफ है कि भारत के सभी 36 के 36 राफेल सुरक्षित हैं और पाकिस्तान के दावों की हवा निकल गई है। पाकिस्तान ने सोशल मीडिया और कई इंटरनेश्नल फोरम में ये दुष्प्रचार किया था कि चीन में बने जे-10सी फाइटर जेट ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय राफेल विमानों को मार गिराया है। अब एयरफोर्स के इस नए दस्तावेज ने पाकिस्तान की इस मनगढंत कहानी की पोल खोलकर रख दी है।
15 जून 2026 को एयरफोर्स हेडक्वार्टर के डायरेक्टरेट ऑफ इंजीनियरिंग (राफेल) ने फ्रांस की कंपनी सैफ्रान एयरक्राफ्ट इंजिन्स को एक “ब्रिज सपोर्ट” प्रस्ताव भेजा है। ये एक तरह का सपोर्ट टेंडर है। इस दस्तावेज में साफ किया गया है कि भारतीय वायुसेना 2016 के भारत-फ्रांस सरकारी समझौते के तहत खरीदे गए सभी 36 राफेल विमानों का संचालन कर रही है और सितंबर 2026 के बाद भी इनके रखरखाव और तकनीकी सहायता की जरूरत पड़ेगी। इसी काम के लिए इंडियन एयरफोर्स ने ये टेंडर जारी किया है।
पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कई राफेल विमानों को गिराने का दावा किया था। हालांकि, ये दावे पूरी तरह से झूठे निकले हैं। मई 2025 में भारत के सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में किए गए इस ऑपरेशन में पाकिस्तान में मौजूद कई आतंकी, ठिकाने, पाकिस्तान के एयर डिफेंस, विमान और दर्जन भर एयरबेस को तबाह कर दिया गया था। इस ऑपरेशन में सैकड़ों पाकिस्तानी सैनिकों और आतंकवादियों की मौत हुई थी।