रिश्तेदारों ने द बलूचिस्तान पोस्ट को बताया कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है कि लड़कियों को कहां ले जाया गया है। लड़कियों को यूं उठाकर ले जाने के चलते परिवार बहुत परेशान और दुखी है। द बलूचिस्तान पोस्ट के मुताबिक, यह घटना हाल के महीनों में कई बलोच महिलाओं की गुमशुदगी के मामलों के बीच हुई है, जिससे इलाके में चिंता बढ़ गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 18 दिसंबर को CTD के लोगों ने जेहरी घोट, हब चौकी के दरू होटल इलाके में एक और छापा मारा था, जहां एक महिला हजरा को उसके 2 साल के बेटे ब्राह्मदाग के साथ हिरासत में लिया गया। उनकी भी कोई खबर नहीं है।बलूचिस्तान में फिर जबरन उठाई गईं 2 लड़कियां, आधी रात को आ धमके थे पाकिस्तानी अधिकारी पाकिस्तान के बलूचिस्तान के हब चौकी इलाके में सुरक्षाबलों ने छापेमारी कर दो लड़कियों को हिरासत में ले लिया और उन्हें अज्ञात स्थान पर ले गए। परिजनों को इस बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई है। हाल के महीनों में बलोच महिलाओं और बच्चों की कथित जबरन गुमशुदगी के कई मामले सामने आए हैं।पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने बलूचिस्तान से कई लड़कियों को जबरन हिरासत में लिया है और उन्हें गायब किया है। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में स्थित हब चौकी इलाके में शनिवार तड़के एक छापेमारी के दौरान 2 लड़कियों को हिरासत में ले लिया गया। द बलूचिस्तान पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद दोनों लड़कियों को किसी अज्ञात जगह पर ले जाया गया। लड़कियों के परिजनों ने बताया कि फ्रंटियर कोर, काउंटर-टेररिज्म डिपार्टमेंट और खुफिया एजेंसियों के लोगों ने गंजही घोट दरू होटल इलाके में एक घर पर सुबह करीब 3 बजे छापा मारा। महिलाओं की पहचान 17 साल की हेयरनिसा वाहिद और उनकी 27 साल की रिश्तेदार हानी के रूप में हुई है। हैरान करने वाली सच्चाई ये है कि पिछले कुछ महीनों में यूं कई लड़कियां उठाई जा चुकी हैं।नसरीन के परिवार ने द बलूचिस्तान पोस्ट को बताया कि करीब 15 हथियारबंद लोग उनके घर में घुसे, घर का सामान तोड़ा-फोड़ा, रिश्तेदारों को एक कमरे में बंद कर दिया और लड़की को ले गए। उसे अब तक किसी अदालत में पेश नहीं किया गया है। बता दें कि बलूचिस्तान में दशकों से जबरन उठाए जाने की समस्या बनी हुई है, जो इलाके में मानवाधिकारों की गंभीर स्थिति को दर्शाती है। कई लोग, जैसे कार्यकर्ता, पत्रकार और आम नागरिक, सुरक्षा बलों या खुफिया एजेंसियों द्वारा कथित तौर पर हिरासत में लिए जाते हैं और कभी लौटकर नहीं आते। परिवारों को अपने प्रियजनों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिलती, जिससे स्थानीय समुदायों में डर का माहौल है।इससे पहले, इस महीने की शुरुआत में 1 दिसंबर को फरजाना जेहरी नाम की एक महिला को खुज्दार के एक अस्पताल से लौटते समय सुरक्षाबलों ने कथित तौर पर जबरन गायब कर दिया। एक अलग मामले में, राहिमा नाम की एक महिला को उसके भाई के साथ दलबंधिन में हिरासत में लिया गया और उसके बाद से उनका कोई अता-पता नहीं है। 22 नवंबर को 15 साल की लड़की नसरीन बलोच को हब चौकी के उसी इलाके में रात के छापे में FC के लोगों और कुछ अज्ञात हथियारबंद लोगों ने उठा लिया और उसका भी अता-पता नहीं है।











