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इंडिया टीवी के चेयरमैन रजत शर्मा ने बताया ‘देव आनंद’ होने का मतलब, 100 वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में हुए शामिल
हिंदी फिल्मों के सदाबहार अभिनेता देव आनंद की 100 वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में इंडिया टीवी के चेयरमैन और एडिटर इन चीफ रजत शर्मा भी शामिल हुए। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम में अपनी बात रखी।देव आनंद को 100 वीं जयंती पर रजत शर्मा ने किया याद
नई दिल्ली : सदाबहार फिल्म अभिनेता देव आनंद की आज 100वी जयंती है। दिल्ली के कंस्टीट्यूशन क्लब में देव आनंद की याद में दिल्ली के पूर्व विधायक विजय जौली ने एक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में कई जानी मानी हस्तियां शामिल हुईं। इंडिया टीवी के चेयरमैन रजत शर्मा लंदन से इस प्रोग्राम में ऑनलाइन जुड़े। रजत शर्मा ने बताया कि जब वो देव आनंद को ‘आप की अदालत’ में इनवाइट करने उनके ऑफिस गए तो देव आनंद ने कहा था कि अब स्टार मैं नहीं …तुम हो। इसके बाद रजत शर्मा ने देव आनंद का मतलब समझाया।खुशी, जोश, उत्साह देव आनंद की सबसे बड़ी ताकत
रजत शर्मा ने कहा-‘देव साहब के नाम के साथ आनंद जुड़ा हुआ था। खुशी, जोश, सेलिब्रेशन और उत्साह…ये उनकी सबसे बड़ी ताकत थी। देव साहब के जन्मदिन पर हमको ये सबसे ज्यादा सीखने की जरूरत है। हम कैसे खुश रहें…हम कैसे इस बात की परवाह न करें कि किसकी उम्र कितनी है। हम जिंदगी को अपने लिहाज से जिएं .. और जो कहते थे कि मैं जिंदगी का साथ निभाता चला गया.. उसी तरह से जिंदगी के साथ को निभाना सीखिए।’
26 सितंबर 1923 को हुआ था जन्म
बता दें कि देव आनंद का जन्म 26 सितंबर 1923 को गुरदासपुर (पाकिस्तान के नारोवाल जिला) में हुआ था। गवर्नमेंट कॉलेज लाहौर से उन्होंने अंग्रजी साहित्य में स्नातक की डिग्री ली थी। बाद में वे मुंबई आ गए और फिर फिल्मों में काम करना शुरू किया। उनकी फिल्में हिट होने लगी और वे सुपर स्टार बन गए। देव आनंद ने अपने 65 साल के फिल्मी करियर में कुल 114 फिल्मों में काम किया। 104 फिल्मों में उन्होंने मुख्य नायक के तौर पर अभिनय किया। जिद्दी, हम एक हैं, राही, आंधियां, टैक्सी ड्राइवर, मुनीम जी, सीआईडी, पेइंग गेस्ट, गाइड, ज्वैल थीफ, जॉनी मेरा नाम जैसी कई चर्चित और फिल्मों में काम किया। 1977 में राजनीतिक दल का किया था गठन
1977 में उन्होंने एक राजनीतिक दल नेशनल पार्टी ऑफ इंडिया का भी गठन किया था। यह राजनीतिक दल का गठन उन्होंने तत्कालीन शासन की नीतियों के खिलाफ किया था। हालांकि यह राजनीतिक दल ज्यादा समय तक अस्तित्व में नहीं रहा। बाद में उन्होंने फिर फिल्मों के निर्माण की ओर रुख किया। 2005 में उनकी आखिरी फिल्म मिस्टर प्राइम मिनिस्टर प्रदर्शित हुई। वर्ष 2011 में 88 साल की उम्र में उनका निधन हो गया

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