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चीन-लद्दाख बॉर्डर के पास 5.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया है। इसके झटके जम्मू-कश्मीर तक महसूस हुए हैं। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 5.0 मापी गई है।चीन के शिनजियांग में गुरुवार की रात 10:26 बजे धरती भूंकप से हिल गई। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 5.0 दर्ज की गई। इस भूकंप का सेंटर चीन-लद्दाख बॉर्डर सीमा के पास स्थित था। कश्मीर वेदर के मुताबिक, भूकंप का केंद्र 35.587 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 78.130 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था। इसकी गहराई 164 किलोमीटर बताई जा रही है। बता दें कि जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। हालांकि, देर रात तक किसी बड़े नुकसान या जनहानि की कोई खबर नहीं मिली थी।इससे पहले गुरुवार को देश के अन्य भागों में भी हल्के भूकंप दर्ज किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के मुताबिक, शाम 7:54 बजे लक्षद्वीप सागर में 3.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। वहीं, शाम 6:33 बजे दिल्ली से सटे फरीदाबाद में 2.9 तीव्रता का भूकंप आया था। हालांकि, इनकी तीव्रता काफी कम रही थी। इतनी कम तीव्रता के भूकंप सामान्य तौर पर लोगों को महसूस नहीं होते हैं। हाल के महीनों में तिब्बती पठार और आसपास के हिमालयी इलाकों में भूकंपीय गतिविधियां बढ़ी हुई हैं। इससे पहले, तिब्बत में 22 अक्टूबर को 7.0 तीव्रता का तेज भूकंप आया था। भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, उस भूकंप का केंद्र ल्हासा से लगभग 400 किलोमीटर दूर था और इसकी गहराई 173 किलोमीटर दर्ज की गई थी।यह Earthquake ऐसे वक्त में आया था जब इलाका पहले से ही प्राकृतिक आपदाओं के असर झेल रहा था। अगस्त में नेपाल-तिब्बत बॉर्डर के पास बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन से आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने बड़े स्तर पर तबाही मचाई थी। इस आपदा में नेपाल में 1,455 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि हजारों लोग लापता हुए थे। तिब्बत की तरफ भी कई लोगों के मारे जाने और सैकड़ों के लापता होने की खबरें सामने आई थीं।एक्सपर्ट्स का मानना है कि बढ़ते टेंपरेचर, ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और चरम मौसमी घटनाओं की वजह से किंगहाई-तिब्बत पठार क्षेत्र में प्राकृतिक आपदाओं का रिस्क लगातार बढ़ रहा है।

By Admin