एजेंसीं न्यूज
लखनऊ। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर बुधवार को उनकी कर्मस्थली लखनऊ पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद 370, अयोध्या, नागरिकता संशोधन कानून सहित तमाम चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि आत्मविश्वास से भरा हिंदुस्तान 2020 में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने सरकार की कई उपलब्धियों को गिनाने के साथ सीएए के विरोध में हुई हिंसा पर दुख भी जताया और कहा कि आंदोलकारियों ने जो संपत्ति जलाई है, क्या वह उनके बच्चों के काम नहीं आती?
इससे पहले पीएम मोदी ने लोकभवन में अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने अटल बिहारी चिकित्सा विश्वविद्यालय का शिलान्यास भी किया। अटलजी की 25 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा पर पीएम मोदी ने श्रद्धासुमन अर्पित किये। यह प्रतिमा उत्तर प्रदेश के संस्कृति विभाग ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में बनवाई है।
अटल बिहारी वाजपेयी की 95वें जयंती के मौके पर लखनऊ पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस स्वागत के लिए काशी का सांसद सभी को धन्यवाद कहता है। मेरा सौभाग्य है कि मुझे दूसरे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में यूपी आने का अवसर मिला है। अटल जी की भव्य प्रतिमा लोगों को सुशासन की निरंतर प्रेरणा देती रहेगी। अटल बिहारी चिकित्सा विश्वविद्यालय का शिलान्यास करना मेरे लिए सौभाग्य के पल हैं। अटल जी लखनऊ के लिए अनेक योजनाएं शुरू की थी। उन्होंने लखनऊ को नई पहचान देने के लिए अनेक कार्यक्रम चलाए।
पीएम नरेंद्र मोदी ने बताया कि अटल जी कहते थे कि जीवन को टुकड़ों में नहीं देखा जा सकता। उसको समग्रता में देखना होगा। यह बात सरकार और सुशासन के लिए भी लागू होती है। सुशासन भी तब तक संभव नहीं है, जब तक हम समस्याओं को संपूर्णता में, समग्रता में नहीं सोचेंगे। उन्होंने कहा आज दिल्ली में अटल भूजल योजना का शुभारंभ किया। छह हजार करोड़ रुपये की इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश सहित देश के सात राज्यों में भूजल के स्तर को सुधारने के लिए काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र के लिए सरकार का रोड मैप हैं, प्रिविंटिव हेल्थ केयर पर काम करना, अफोर्डेबल हेल्थकेयर का विस्तार करना, सप्लाई साइड इंटरवेंशन यानि इस सेक्टर की हर डिमांड को देखते हुए सप्लाई को सुनिश्चित करना और मिशन मोड इंटरवेंशन। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत से लेकर योग तक, उज्ज्वला से लेकर फिट इंडिया मूवमेंट तक और इन सबके साथ आयुर्वेद को बढ़ावा देने तक, इस तरह की हर पहल बीमारियों की रोकथाम में अपना अहम योगदान दे रही हैं।











