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देहरादून। प्रदेश के संस्कृत विद्यालयों में पढ़ रहे छात्र अब वेद उच्चारण के साथ कंप्यूटर चलाने में भी दक्ष होंगे। इसके लिए संस्कृत निदेशालय ने संस्कृत विद्यालयों में कंप्यूटर को विषय के तौर पर शुरू करने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। इसके अलावा आयुर्वेद, योग और शारीरिक शिक्षा और पौरोहित्य को भी विषय के तौर पर शुरू करने का प्रस्ताव भेजा गया है।
संस्कृत शिक्षा विभाग ने अगले सत्र में कंप्यूटर शिक्षा को भी पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए कसरत शुरू कर दी है। सहायक निदेशक संस्कृत शिक्षा डॉ. संजू प्रसाद ध्यानी ने कहा कि अब संस्कृत के छात्रों को भी हाईटेक किए जाने की जरूरत है। कंप्यूटर शिक्षा हासिल करने से छात्रों के लिए रोजगार के रास्ते भी खुलेंगे। इस संबंध में हुई वार्ता में शासन और शिक्षा मंत्री का रुख भी सकारात्मक रहा। शासन से प्रस्ताव पास हुआ तो अगले सत्र से ही कंप्यूटर शिक्षा शुरू कर दी जाएगी।
प्रदेश में 54 संस्कृत विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा शुरू होने से यहां पढ़ाई कर रहे 2000 से ज्यादा छात्र लाभान्वित होंगे। कंप्यूटर की पढ़ाई इन युवाओं के लिए नए आयाम खोलेगी। नया विषय शुरू होने से स्कूलों में नए पद भी सृजित होंगे। इससे रोजगार बढ़ेगा।

By Admin

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