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रुड़की। संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए डीजे संचालक की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। डीजे संचालक की हत्या करने वाले कोई और नहीं, बल्कि उनके ही तीन दोस्त हैं। सबूत मिटाने के लिए उन्होंने डीजे संचालक के शव को गंगनहर में फेंक दिया। पुलिस ने इस मामले में डीजे संचालक के तीन दोस्तों समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों की निशानदेही पर मृतक की बाइक को भी एक पार्किंग से बरामद कर लिया गया है।
गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के मकतूलपुरी निवासी डीजे संचालक मुकेश कुमार 17 दिसंबर की शाम को वरदान अपने दोस्त और उसकी गर्लफ्रेंड के साथ घर से निकला था। वरदान उसे बर्थ-डे पार्टी के बहाने घर से लेकर गया था। उसके बाद से मुकेश कुमार का कुछ पता नहीं चल पा रहा था। गंगनहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राजेश साह ने बताया कि परिजनों की सूचना पर मुकेश कुमार के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की गई। इसके बांद मामले की जांच पड़ताल शुरू की गई तो वरदान का भी पता नहीं चल पाया।
इस पर कॉल डीटेल और अन्य माध्यमों के आधार पर जांच पड़ताल को आगे बढ़ाया, जिसके चलते वरदान निवासी आदर्श नगर, करण निवासी माजरा, मन निवासी आदर्श नगर पुलिस के हत्थे चढ़ गए। कोतवाली इंस्पेक्टर राजेश साह ने बताया कि वरदान ने पूछताछ में बताया कि 17 दिसंबर को उसका जन्मदिन था। वह अपनी गर्लफ्रेंड के साथ मुकेश के घर आया। यहां चाय और नाश्ता करने के बाद वह तीनों आदर्शनगर गए। उसने अपनी गर्लफ्रेंड को वहां छोड़ दिया। इसके बाद वह मुकेश के साथ माजरा के समीप एक खाली मैदान में आ गया। इसके बाद उसके दोस्त मन, करण, दीपक और मनोज भी वहां आ गए। यहां सबने मिलकर शराब पी।
देर शाम किसी बात को लेकर मुकेश से उसकी मारपीट हो गई। मारपीट के दौरान वह गिर गया। इसके बाद वह फिर से शराब पीने लगे। इसके बाद दीपक और मनोज वहां से चले गए। कुछ देर बाद जब उन्होंने मुकेश को देखा तो वह अचेत हो चुका था। यह देखकर वह घबरा गए। वरदान ने अपने पिता राजकुमार को वहां बुला लिया। राजकुमार ने मुकेश के हाथ पांव मले, लेकिन वह नहीं उठा। इस पर वह बाइक से ही मुकेश को करण के कमरे पर ले आए। मुकेश की मौत हो चुकी थी। यह देखकर वह सभी घबरा गए। इसके बाद मन ने अपने भाई अंजीत को बुलाया। अंजीत लोडर चलाता है।

By Admin

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