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भूटान में एक ग्लेशियर झील फटने से भारत के पश्चिम बंगाल और असम के कुछ इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। भूटान की अति-संवेदनशील शिंताफू झील से गुरुवार रात से तेज बहाव के साथ पानी निकल रहा है। इसके चलते बंगाल के अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग समेत कई जिलों में अलर्ट जारी किया गया है।
भूटान के लेमथांग में शिंताफू ग्लेशियर झील के फटने की घटना के बाद भारत के उत्तर पूर्वी राज्यों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। ग्लेशियर झील फटने से इसका पानी तेजी से मोफू नदी के रास्ते नीचे की ओर बंगाल की संकोश नदी की तरफ बढ़ रहा है जिससे उत्तरी बंगाल के कई जिलों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। भूटान में शिंताफू झील से पानी निकलने की खबर के बाद पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग समेत कई जिलों में अलर्ट जारी किया गया है।
अलीपुरद्वार में तो 10 हजार लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया है। पश्चिम बंगाल के मंत्री निशिथ प्रमाणिक और मनोज कुमार ओरांव ने संकोश नदी के किनारे रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। इसके साथ ही इन जिलों में डिजास्टर मैनेजमेंट, NDRF और SDRF की टीम को भी अलर्ट कर दिया गया है। भूटान की अति-संवेदनशील शिंताफू झील से गुरुवार रात से तेज बहाव के साथ पानी निकल रहा है इसके चलते आसपास के इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में लगातार सायरन बज रहे हैं। इसलिए, उत्तरी बंगाल की संकोश नदी और उससे जुड़ी सभी सहायक नदियों के कैचमेंट एरिया में रहने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे फौरन सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। संकोश नदी भूटान से भारत में प्रवेश करती है और उत्तरी पश्चिम बंगाल व उससे सटे असम के कई इलाकों में रहने वाले लोगों के जीवन का आधार है। नदी के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी होने से नदी किनारे बसी बस्तियों, पशुधन, खेतों और बुनियादी ढांचे के लिए खतरा पैदा हो सकता है।दार्जिलिंग से बीजेपी के सांसद राजू बिस्टा ने भी अलर्ट करने वाला एक वीडियो जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। दार्जिलिंग की पहाड़ियों, तराई और डुआर्स क्षेत्र के सभी लोगों से सतर्क रहने का अनुरोध किया गया है। पश्चिम बंगाल के वन मंत्री और कुमारग्राम के विधायक मनोज कुमार उरांव ने भी अलीपुरद्वार जिले में संकोश नदी के किनारे रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
भारत की ओर से जारी विशेष एडवाइजरी में कहा गया है कि पुनात्सांगछू नदी के ऊपरी क्षेत्र में आई अचानक बाढ़ के कारण पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार और असम के असम के धुबरी जिले में जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। एडवाइजरी के अनुसार, बाढ़ का पानी घटना के बाद 6-8 घंटे के अंदर भारत-भूटान सीमा तक पहुंचने की आशंका जताई गई थी।पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले और असम के धुबरी जिले में अचानक बढ़ सकता है जलस्तर।
दार्जिलिंग की पहाड़ियों, अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी जिलों सहित उत्तर बंगाल के कई हिस्सों में अलर्ट जारी।
बंगाल के कूचबिहार जिले में तुफानगंज और बक्सीरहाट में NDRF और SDRF की टीमें तैनात।
इससे पहले 26 अगस्त को नेपाल में अचानक से आई बाढ़ ने एक ही झटके में लोगों को बेघर कर दिया था। नेपाल त्रासदी में 1000 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई जबकि करीब 4000 लोग लापता हो गए।

By Admin