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नई दिल्ली. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की रेस में आगे निकलने की होड़ के बीच दिग्गज टेक कंपनी मेटा (Meta) को एक बड़ा कदम पीछे खींचना पड़ा है। अपने एआई मॉडल्स को ट्रेन करने के लिए न्यूज वेबसाइट्स और बिजनेस पेजों का कंटेंट मुफ्त में इस्तेमाल करने के फैसले पर कंपनी ने आखिरकार यू-टर्न ले लिया है। भारी आलोचनाओं और पब्लिशर्स के दबाव के बाद, मेटा ने शनिवार, 17 अक्टूबर को अपने कमर्शियल टर्म्स से विवादित प्रावधान को हटा दिया है। हालांकि, मेटा का कहना है कि शर्तों में किए गए बदलाव का मतलब वेब क्रॉलिंग के तरीके में बदलाव नहीं है और कंपनी ने वेबसाइट्स के कंटेंट इस्तेमाल करने के अधिकार नहीं बढ़ाए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, मेटा ने शनिवार, 17 अक्टूबर को अपनी व्यावसायिक शर्तों से उस प्रावधान को हटा दिया, जिसकी भाषा को लेकर सवाल उठ रहे थे। यह शर्त कंपनी के कमर्शियल टर्म्स पेज पर जोड़ी गई थी। इसमें कहा गया था कि मेटा कुछ डोमेन, वेब पेज या यूआरएल से मिले कंटेंट का इस्तेमाल अपने प्रोडक्ट्स, सेवाओं और फीचर्स को विकसित करने, बेहतर बनाने, रिसर्च करने और एआई ट्रेनिंग के लिए कर सकती है।

वेब स्क्रैपिंग को लेकर क्या है विवाद?
दुनिया भर की लगभग हर छोटी-बड़ी न्यूज वेबसाइट, मीडिया हाउस और पब्लिशर का फेसबुक और इंस्टाग्राम पर बिजनेस अकाउंट है। वे अपनी खबरें और आर्टिकल्स वहां शेयर करते हैं ताकि पाठकों तक पहुंच सकें। मेटा के इस नए नियम का सीधा मतलब यह था कि मेटा इन न्यूज वेबसाइट्स का सारा ओरिजिनल कंटेंट बिना कोई पैसा या रॉयल्टी दिए अपने एआई को सिखाने (ट्रेन करने) के लिए इस्तेमाल करेगा।

मेटा के नए नियमों से यह चिंता भी थी कि अगर मेटा का एआई सारी खबरें पढ़कर यूजर्स को फेसबुक या इंस्टाग्राम पर ही सीधे सवालों के जवाब देने लगे, तो कोई भी यूजर असली न्यूज वेबसाइट पर क्लिक नहीं करेगा। इससे पब्लिशर्स के ट्रैफिक और विज्ञापन से होने वाली कमाई पर भारी असर पड़ेगा। यह मामला खास तौर पर न्यूज पब्लिशर्स के लिए अहम था, क्योंकि उनकी वेबसाइट्स पर मौजूद खबरें, इंटरव्यू और विश्लेषण एआई मॉडल को ट्रेन करने के लिए किया जा सकता था।

एक्सपर्ट्स ने क्यों जताई थी चिंता?
नीमन लैब और कॉर्नेल यूनिवर्सिटी में डिजिटल व सूचना कानून के प्रोफेसर जेम्स ग्रिमेलमैन समेत कई विशेषज्ञों ने इस प्रावधान पर सवाल उठाए थे। उनकी चिंता थी कि इसकी व्यापक व्याख्या से मेटा वेबसाइट्स का कंटेंट बिना भुगतान के एआई ट्रेनिंग में इस्तेमाल कर सकती है।

एक और अहम मुद्दा वेबसाइट्स की robots.txt फाइल से जुड़ा था। वेबसाइट मालिक इस फाइल के जरिए ऑटोमेटेड बॉट्स और वेब क्रॉलर्स को अपनी साइट का डेटा चुराने से रोकते हैं। विशेषज्ञों ने आशंका जताई थी कि मेटा का यह नया नियम इतना चालाकी से लिखा गया था कि यह वेबसाइट्स की उस सिक्योरिटी को भी दरकिनार कर सकता था।

By Admin