ग्रेटर नोएडा. ग्रेटर नोएडा में पांच की मौत मामले में नई जानकारी सामने आई है। आठ वर्ष पहले बड़े बेटे ने भी खुदकुशी की थी। अब छोटे बेटे का परिवार भी खत्म हो गया। रात में परिवार मेला देखकर आया था। सुबह बिस्तर पर लाशें मिली। मामला संपत्ति विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है।
ग्रेटर नोएडा में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। शुक्रवार रात मेला देखकर हंसी-खुशी घर लौटे महेश, उसकी पत्नी और तीनों बच्चों के लिए अगली सुबह जिंदगी का आखिरी पड़ाव साबित होगी इसका किसी को अंदाजा नहीं था।
जानकारी के अनुसार, करीब आठ साल पहले महेश के बड़े भाई और उसकी पत्नी ने पारिवारिक विवाद के चलते ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या कर ली थी। अब महेश, उसकी पत्नी और तीन बच्चों की मौत के बाद परिवार में पहले हुई इस घटना को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
परिवार से जुड़े लोगों के मुताबिक, महेश के पिता कृष्ण ने वर्ष 2000 से 2005 के बीच नगला पदम सिंह गांव में करीब 10 बीघा जमीन खरीदी थी। वर्ष 2009 में यमुना प्राधिकरण से जमीन के बदले परिवार को करीब 1.25 करोड़ रुपये का मुआवजा मिलने का दावा किया गया है।
परिजनों के अनुसार, मुआवजे की रकम तीनों बेटियों को बांट दी गई थी। प्राधिकरण से मिलने वाला सात प्रतिशत विकसित भूखंड भी बेटियों को देने की बात कही गई है। आरोप है कि दोनों बेटों को इसमें हिस्सा नहीं मिला था।
परिवार के मुताबिक, महेश के पिता की वर्ष 2023 में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद महेश की मां ने दिल्ली स्थित पुश्तैनी मकान भी दो बेटियों के नाम कर दिया था। आरोप है कि 18 अगस्त 2025 को नगला पदम गांव में स्थित 167 वर्गमीटर का मकान भी एक बेटी को बेच दिया गया।
इस मकान में महेश अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहता था। परिजनों का दावा है कि संपत्ति के बंटवारे को लेकर पहले भी तनाव की स्थिति बनी थी। जानकारी के अनुसार महेश के बड़े भाई राहुल ने चोला रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या की थी।
