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हिंदुस्तान के हीरो कैप्टन स्मित की बहादुरी के किस्से पूरी दुनिया में सुनाए जा रहे हैं। फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित ने जिस जांबाजी से 174 यात्रियों की जान बचाई, वो दास्तान बच्चे-बच्चे की जुबान पर है। हर कोई कैप्टन स्मित की तारीफ कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी से लेकर, ट्रंप, नेतन्याहू और दुबई के क्राउन प्रिंस तक हीरो हिंदुस्तानी के जज्बे को सैल्यूट कर रहे हैं। इजरायली के विदेश मंत्रालय ने इजरायल, भारत और UAE के गठजोड़ को इस क्षेत्र और दुनिया भविष्य बताया।

इजरायली, भारतीय और अमीराती ने मिलकर किया जिदाही का मुकाबला

इजरायली के विदेश मंत्रालय ने X पर पोस्ट किया, ‘जिहादी आतंकवादी दुबई-TLV फ्लाइट को क्रैश करके उसमें सवार सभी लोगों की हत्या करना चाहता था। लेकिन उसका सामना बहादुर इजरायली यात्रियों से हुआ, जिन्होंने उसका मुकाबला किया। साथ ही, एक भारतीय पायलट और UAE के क्रू भी थे, जो विमान को बचाने के लिए डटे हुए थे। इजरायली, अमीराती और भारतीय- सब मिलकर आतंकवाद के खिलाफ खड़े हैं। यही हमारे क्षेत्र और दुनिया का भविष्य हैं।’

30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट में क्या हुआ था?

बता दें कि 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट जब जमीन से करीब 34,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रही थी तो उस वक्त कॉकपिट में क्या हुआ था, इसे लेकर रोंगटे खड़े करने वाला खुलासा हुआ है। को-पायलट के हमले में घायल कैप्टन स्मित ने इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू को कॉकपिट के अंदर की चौंकाने वाली डिटेल बताई है। कैप्टन स्मित ने बताया है कि को-पायलट हमाम अल-हमामी नमाज पढ़ने का बहाना बनाकर अपनी सीट से उठा था। उसने कैप्टन स्मित से कहा था कि वो प्रे करना चाहता है। उसकी नमाज का टाइम हो गया है। कैप्टन स्मित ने उसे इजाजत दे दी और वो खुद सामने की तरफ देखते हुए प्लेन उड़ाने लगे। लेकिन हमामी ने पीछे से वार कर दिया। को-पायलट ने कुछ ही सेकंड में कैप्टन स्मित पर कुल्हाड़ी से 4 से 5 बार हमला किया।

बुरी तरह घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने खोला कॉकपिट का दरवाजा

जान लें कि भयानक हमले के बाद कैप्टन स्मित को करीब-करीब दिखाई देना बंद हो चुका था। वो एक बार कॉकपिट का दरवाजा खोल चुके थे, लेकिन कोई अंदर आ पाता इससे पहले ही को-पायलट हमामी ने कॉकपिट का दरवाजा बंद कर दिया। कैप्टन स्मित कॉकपिट के फर्श पर पड़े थे। बाहर लोगों के चीखने की आवाज आ रही थी। 174 लोगों की जिंदगी का सवाल था। फिर सारी ताकत और हिम्मत जुटाकर जख्मी पायलट स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। दरवाजा खुलते ही कॉकपिट के अंदर पहले तीन इजरायली घुसे, जिसमें एक प्लंबर भी था। कॉकपिट में फोर्स इतना ज्यादा था कि पहली बार झटके से प्लंबर भी संभल नहीं पाया। दूसरी बार में वो जमकर खड़ा हुआ और नॉब खींचकर प्लेन को ऊपर उठाया।

तेल अवीव की जगह सऊदी में लैंड हुई फ्लाइट

बाकी दो इजरायलियों ने आतंकी को-पायलट को दबोचा। कॉकपिट में गुत्थम-गुत्था चल रही थी और उसी वक्त दो एक्सट्रा पायलट भी आ गए जो प्लेन को तेल अवीव से आगे ले जाने के लिए बैठे हुए थे। अब कॉकपिट उनके हवाले था। आतंकी से क्रैश एक्स छीनकर उसके हाथ बांध दिए गए थे। हिंदुस्तानी पायलट का खून रोकने के लिए उसे फर्स्ट एड दिया गया। और फिर नए कैप्टन ने अनाउंस किया, ‘सीट की पेटी बांध लें। हम तेल अवीव की जगह सऊदी अरब में उतरने वाले हैं।’ इसके बाद, तालियों की गड़गड़ाहट के बीच सभी ने गहरी सांस ली।

By Admin