जापान के साथ यूपी की बड़ी साझेदारी, ग्रीन हाइड्रोजन-ऑटोमोबाइल समेत इन सेक्टरों पर नजर

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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश और जापान के बीच आर्थिक एवं औद्योगिक साझेदारी को नई दिशा देने के लिए आयोजित यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि भारत-जापान के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं और जापान अब उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा में केवल निवेशक नहीं, बल्कि दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदार के तौर पर आगे बढ़ रहा है।
नई दिल्ली के ताज पैलेस में आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए सुरेश खन्ना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में मजबूत कानून-व्यवस्था, बेहतर कनेक्टिविटी, विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश अनुकूल नीतियों पर लगातार काम हुआ है। इन बदलावों ने उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख और संभावनाशील निवेश स्थलों में शामिल किया है।
सुरेश खन्ना ने कहा कि भारत और जापान के संबंध साझा मूल्यों, समान दृष्टिकोण और आपसी प्राथमिकताओं पर आधारित हैं। जापान से आए बड़े प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी इस बात का संकेत है कि उत्तर प्रदेश को लेकर जापानी उद्योग जगत का भरोसा बढ़ रहा है।
उन्होंने यामानाशी प्रांत के गवर्नर कोटारो नागासाकी सहित जापानी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और कहा कि दोनों पक्षों के बीच बढ़ता संवाद औद्योगिक सहयोग के नए अवसर पैदा कर रहा है।
‘निवेश मित्र’ से कारोबार को आसान बनाने पर जोर
वित्त मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की बड़ी ताकतों में मजबूत कानून-व्यवस्था, बेहतर कनेक्टिविटी, विशाल उपभोक्ता बाजार, कुशल मानव संसाधन और तेजी से विकसित होता आधारभूत ढांचा शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि ‘निवेश मित्र’ जैसी व्यवस्थाओं ने कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया को आसान बनाया है। साथ ही निवेश प्रस्तावों को तेजी से जमीन पर उतारने में भी मदद मिली है।