प्रह्लाद जोशी ने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की भी जमकर तारीफ की

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प्रह्लाद जोशी ने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम किए हैं। इसके साथ ही उन्होंने पीएम मोदी की उम्मीदों पर खरा उतरने की बात कही।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने पर इस जिम्मेदारी को अच्छे से निभाने का वादा किया है। नया शिक्षा मंत्री बनाए जाने पर उनका पहला बयान आया है। प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने उनके ऊपर जो विश्वास जताया है, उसके लिए वह आभारी हैं। उन्होंने इस जिम्मेदारी को अच्छे से निभाने और प्रधानमंत्री मोदी की उम्मीदों पर खरा उतरने की बात कही। प्रह्लाद जोशी ने ये भी कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम किए हैं। जोशी को उनके उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अतिरिक्त शिक्षा मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया है।
धर्मेंद्र प्रधान के पद से इस्तीफा देने के बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्री बनाया गया है। उन्होंने नई जिम्मेदारी मिलने पर कहा, “मुझे अभी पता चला कि प्रधानमंत्री ने मुझे एक जिम्मेदारी दी है। मैं इस जिम्मेदारी को कर्तव्य और विनम्रता के साथ स्वीकार करता हूं, और मैं प्रधानमंत्री का शुक्रगुजार हूं। प्रधानमंत्री मोदी की सरकार के पिछले 12 सालों में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल हुई हैं। पिछले चार-पांच सालों में धर्मेंद्र प्रधान ने नेशनल एजुकेशन पॉलिसी को भी लागू किया। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में, मैं अपनी पूरी क्षमता से काम करने की कोशिश करूंगा।”नीट पेपर लीक पर बवाल के बाद मोदी मंत्रिमंडल में बदलाव नीट यूजी परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी की अगुआई में पूरे देश में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। ऐसे में सरकार ने एनटीए में बड़े पैमाने पर बदलाव किए और 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया। इन अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामले भी दर्ज किए जाएंगे। हालांकि, इससे बात नहीं बनी और अंत में धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा। ऐसे में प्रह्लाद को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। आने वाले दिनों में सरकार नए शिक्षा मंत्री का ऐलान कर सकती है। फिलहाल सरकार का ध्यान मानसून सत्र के दौरान पेपर लीक रोकने के लिए नया कानून पास कराने पर है। यह संशोधन विधेयक सोमवार को लोकसभा में पेश किया जाएगा और सरकार की कोशिश इसे जल्द से जल्द पास कराने की होगी। इस कानून के तहत तीन महीने के अंदर पेपर लीक करने वाले दोषियों को सजा सुनाई जाएगी। इसके अलावा दोषी को 10 साल की सजा और 10 करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रावधान भी है।