कारगिल विजय दिवस पर भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को नमन किया। इस मौके पर भारतीय सेना प्रमुख ने अपनी ही यूनिट के सैनिक की लिखी हुई कविता सुनाई।
पूरा भारत आज 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के मौके पर 1999 में पाकिस्तान से लड़ते हुए शहीद होने वाले वीर जवानों को याद कर रहा है। उनकी स्मृति में लद्दाख के द्रास में एक कार्यक्रम रखा गया, जिसमें भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि पूरी दुनिया में भारत के सैनिकों का मुकाबला नहीं किया जा सकता। इस दौरान जनरल धीरज सेठ ने एक कविता भी बलिदानियों के समर्पित करते हुए सुनाई।
बहादुर वीर शहीदों को भारतीय सेना प्रमुख ने किया याद
भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने कहा, ‘मैं हमारे बहादुर वीर शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। साथ ही, उनके परिवारों को भी अपना स्नेहपूर्वक नमन करता हूं। कारगिल विजय दिवस के कार्यक्रम में हमारे साथ देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह हैं। हमारे बीच उनकी ये मौजूदगी भारतीय सेना के लिए आने वाले समय के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।’सुनाई अपनी ही यूनिट के सैनिक की लिखी कविता
जनरल धीरज सेठ ने आगे कहा कि आज यहां मैं आपके सामने इन वीरों को जब याद करता हूं तो मुझे मेरे ही यूनिट के सैनिक की तरफ से लिखी गई एक रचना याद आती है जिसका मैं आपके सामने बयान करना चाहता हूं।
मरना सभी को है तुम भले मरे,
करके नमक हलाल लड़ते हुए गिरे,
भूलोगे आप नहीं जो छिप गई शक्ल,
सफे-ज़मीं पर नाम हुआ तुम्हारा अटल।
भारतीय फौज के सैनिकों का दुनियाभर में कोई मुकाबला नहीं
भारतीय सेना प्रमुख बोले कि ये रचना इन सभी वीरों के लिए इतनी सही है कि मैं सिर्फ इतना ही कहना चाहता हूं कि भारतीय सेना का जो योद्धा है वो विश्व में किसी भी सेना के सैनिकों से इतना बढ़-चढ़कर है कि उसका मुकाबला भी नहीं किया जा सकता।देश के परचम को और भी ऊंचा लहराएंगे
जनरल धीरज सेठ ने कहा कि इस मौके पर मैं देश को अपनी तरफ से ये यकीन दिलाना चाहता हूं कि भारतीय थल सेना पूरे तरीके से देश की प्रगति में पूरी तरीके से उनके साथ है और आने वाले समय में देश के परचम को और भी ऊंचा लहराएंगे। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर पीएम मोदी ने भी बहादुर सैनिकों के शौर्य को नमन किया।











