रायगड़ा में भीड़ ने एक युवक और युवती की पिटाई कर दी। उन्होंने दोनों को बच्चा चोर समझा

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रायगड़ा में भीड़ ने एक युवक और युवती की पिटाई कर दी। उन्होंने दोनों को बच्चा चोर समझा और फिर पिटाई कर दी। इस मामले में पुलिस ने 16 लोगों को गिरफ्तार किया है।ओडिशा के रायगड़ा जिले में मॉब लिंचिंग जैसी एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां एक महिला और एक पुरुष एनजीओ कर्मी को बच्चा चोर होने के शक में ग्रामीणों की भीड़ ने बेरहमी से पीट दिया। यह घटना 16 जून को रायगड़ा जिले के कल्याणसिंहपुर ब्लॉक के इंटालीगुड़ा गांव में हुई। पीड़ित युवक और युवती कंधमाल जिले में एक एनजीओ के साथ काम करते हैं। दोनों कालाहांडी जिले के थुआमूल रामपुर जा रहे थे, लेकिन बताया जा रहा है कि गूगल मैप्स के गलत रास्ता दिखाने के कारण वे कल्याणसिंहपुर पहुंच गए। गांव में पहुंचने के बाद दोनों ने वहां खेल रहे बच्चों को बिस्कुट दिए। इसी दौरान कुछ ग्रामीणों को उन पर शक हुआ। चूंकि दोनों हिंदी में बात कर रहे थे और स्थानीय लोग उन्हें पहचानते नहीं थे, इसलिए अफवाह फैल गई कि वे बच्चा चोर हैं।
पीड़ितों ने खुद को एनजीओ कर्मचारी बताते हुए पहचान पत्र भी दिखाए, लेकिन भीड़ ने उनकी बात पर विश्वास नहीं किया। आरोप है कि इसके बाद दोनों पर हमला कर दिया गया। महिला के साथ मारपीट के अलावा दुर्व्यवहार और अपमानजनक व्यवहार किए जाने के भी आरोप लगे हैं। घटना के वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ कितनी बेरहमी से युवक और युवती को पीट रहे हैं। यहां तक की युवती को निर्वस्त्र करने की भी कोशिश की गई। घटना के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और दोनों को भीड़ से बचाकर अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है।महिला पीड़िता ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि उन्होंने अपना पहचान पत्र दिखाया था, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं मानी। उन्होंने बताया कि भीड़ ने उन्हें बुरी तरह पीटा, बाल खींचे, कपड़े फाड़े और कुछ लोगों ने उनके साथ अनुचित व्यवहार भी किया। महिला ने कहा कि कुछ लोग उन्हें बचाने की कोशिश भी कर रहे थे, लेकिन भीड़ का गुस्सा इतना ज्यादा था कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई थी। इस मामले में रायगड़ा पुलिस ने अब तक 16 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार लोगों में कुछ मुख्य आरोपी भी शामिल हैं। अन्य संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है। रायगढ़ा के पुलिस अधीक्षक राज प्रसाद ने कहा कि मामले में कई धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और घटना से जुड़े वीडियो फुटेज तथा गवाहों के बयानों की जांच की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने अस्पताल पहुंचकर घायल पीड़ितों से भी मुलाकात की और पूरे मामले की जानकारी ली