हरिद्वार के फॉरेस्ट विभाग की श्यामपुर रेंज में दो बाघों के शिकार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दो बाघों के शिकार से वन महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। हरिद्वार पहुंचे वन मंत्री सुबोध उनियाल ने मौके पर पहुंच कर जायजा लिया और अधिकारियों से जानकारी जुटाई। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में लापरवाही बरतने पर जल्द कार्रवाई हो सकती है।
सोमवार को श्यामपुर फॉरेस्ट रेंज की सज्जनपुर बीट में बाघ और बाघिन का शव मिला था। दोनों शवों के पैर कटे हुए पाए गए थे। वन विभाग के मुताबिक वन गुर्जर डेरे के पास बाघों के शव मिलने के बाद एक संदिग्ध से सख्ती से पूछताछ की गई। इसके बाद उसने शिकार की बात कबूली। जबकि उसका एक अन्य साथी फरार बताया जा रहा है।
वन मंत्री सुबह उनियाल ने मामले में लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई किए जाने की बात कही है। इस पूरे मामले के जांच के आदेश भी दे दिए हैं।प्रारंभिक जांच में बाघ के चारों पैर कटे हुए पाए गए, जिससे आशंका जताई जा रही है कि शिकारियों ने अवैध वन्यजीव तस्करी के उद्देश्य से इस वारदात को अंजाम दिया है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू की। अधिकारियों ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बाघ की मौत के कारणों और शिकार के तरीके का खुलासा होने की संभावना है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, बाघ की उम्र लगभग 4 से 5 साल की बताई जा रही है।मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक वन गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका एक साथी मौके से फरार हो गया। फरार आरोपी की तलाश में जंगल और आसपास के इलाकों में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर शिकार में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है।वन विभाग के अधिकारियों ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि संरक्षित वन्यजीवों के शिकार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर जंगलों में वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।











