उत्तर प्रदेश सरकार ने डॉ अंबेडकर मूर्ति विकास योजना को मंजूर कर लिया है। इसके तहत यूपी की हर विधानसभा को एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इससे प्रदेश भर में महापुरुषों के स्मारकों का विकास कराया जाएगा।यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार अब सभी अंबेडकर प्रतिमाओं पर छत्र और बाउंड्री वॉल बनवाएगी। इसके साथ ही यूपी की हर विधानसभा में डॉ अंबेडकर के 10 स्मारकों के विकास के लिए 403 करोड़ रुपये खर्च करेगी। आज योगी सरकार ने इन प्रस्तावों को मंजूर भी कर लिया है। इस काम को पूरा करने के लिए योगी सरकार डॉ अंबेडकर मूर्ति विकास योजना लेकर आई है। इस योजना के तहत सरकार संत रविदास, कबीर, ज्योतिबा फुले और महर्षि वाल्मिकी जैसे महापुरुषों के स्मारकों का विकास भी कराएगी। इससे पहले उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक सभा के दौरान इसकी घोषणा की थी। सीएम योगी ने कहा, “सरकार ने तय किया है कि प्रदेश भर में जहां कहीं भी बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा होगी वहां पर प्रतिमा के ऊपर छत्र लगाने का काम कराया जाएगा। वहीं, जहां पर बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित होगी वहां पर जो पार्क होगा उसके बाउंड्री वाल का निर्माण और उसके सुंदरीकरण का काम भी सरकार अपने पास ले रही है और उस कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया जाएगा।”यूपी में होने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दलित वोट पर हर पार्टी की नजर है। यूपी में करीब 22 फीसदी दलित वोट है। वहीं यूपी में आरक्षित 86 सीट में 84 दलितों के लिए रिजर्व हैं। वहीं प्रदेश की लगभग 150 विधानसभा सीटों पर दलित वोट ही हार जीत तय करते हैं। यूपी में चार बार मुख्यमंत्री रही मायावती दलितों की सबसे बड़ी नेता मानी जाती रही हैं। मायावती ने 2007 में बहुमत की सरकार बनाई थी, लेकिन धीरे-धीरे मायावती की ताकत कम होती गई। बसपा को लगातार 2012, 2017 और 2022 में हार का सामना करना पड़ा है। विधानसभा में बसपा से सिर्फ एक विधायक है। वहीं लोकसभा में एक भी सांसद बसपा का नहीं है।यूपी में 2014 के बाद से दलित वोट बड़ी तादाद में बीजेपी में चला गया, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में बड़ी तादाद में दलित वोट बीजेपी से खिसक भी गया और इंडिया गठबंधन 80 में से 43 सीट जीत गया। अब बीजेपी 2027 के विधानसभा चुनाव में दलित वोट को अपनी तरफ करने की हर कोशिश कर रही है। प्रदेश भर में अंबेडकर मूर्ति पर छत्र लगाने और अंबेडकर स्मारकों पर 403 करोड़ रुपये खर्च करने को इसी नजर से देखा जा रहा हैवहीं दूसरी तरफ बपसा, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस भी दलितों को लुभाने में लगी हैं। अंबेडकर जयंती पर मातावती ने लखनऊ में बड़ा कार्यक्रम करने के आदेश दिया है। इसके अलावा अखिलेश यादव भी गांव-गांव में अंबेडकर जयंती मनाने की तैयारी में हैं। राहुल गांधी तो कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग कर चुके हैं। हालांकि बीजेपी का कहना है कि हर विधानसभा में एक करोड़ रुपये डॉ. अंबेडकर मूर्ति विकास योजना के तहत खर्च किए जाएंगे। योजना के तहत हर मूर्ति पर सरकार करीब 10 लाख रुपये खर्च करेगी और ये वोट के लिए नहीं बल्कि महापुरुषों के सम्मान के लिए है।











