मिडिल ईस्ट में जारी जंग का आज 14वां दिन है। जंग के मैदान से भारत के लिए भी एक बुरी खबर सामने आई है। अमेरिकी जहाज पर ईरान के एक हमले में जहाज पर सवार एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है। वहीं, इस जहाज पर सवार 15 अन्य भारतीय क्रू मेंबर्स को सुरक्षित निकाल लिया गया है। सेफसी विष्णु नाम का ये अमेरिकी ऑयल टैंकर मार्शल आईलैंड के झंडे के साथ इराक के बसरा के पास से गुजर रहा था। तभी ईरान ने सुसाइड बोट से इस शिप पर हमला कर दिया। अब इस घटना में मारे भारतीय नागरिक की पहचान सामने गई है। इराक के बसरा के पास खोर अल-जुबैर पोर्ट के नजदीक कार्गो लोडिंग ऑपरेशन के दौरान मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले तेल टैंकर MT सेफसी विष्णु पर हमला होने की खबर सामने आई थी। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, सफेद रंग की एक मानवरहित स्पीडबोट, जिसमें विस्फोटक भरे होने की आशंका है, जहाज के स्टारबोर्ड हिस्से से तेजी से आई और टैंकर से टकरा गई। इस टक्कर के बाद जहाज पर बड़ा विस्फोट हुआ और आग भड़क उठी।मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा कूटनीतिक कदम उठाया है। पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बात की है। पीएम मोदी ने भारतीयों की सुरक्षा और भारतीय टैंकर्स की सुरक्षित आवाजाही को प्राथमिकता बताया है और क्षेत्र में शांति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता भी दोहरायी है। टैंकर में एक के बाद एक दो धमाके हुए और पूरा जहाज आग की चपेट में आ गया।घटना के बाद जहाज पर मौजूद सभी क्रू मेंबर्स ने अपनी जान बचाने के लिए जहाज छोड़ दिया और समुद्र में कूद गए। आसपास मौजूद एक STS टग ने उन्हें रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला। इराकी कोस्ट गार्ड ने जहाज पर मौजूद बाकी 27 क्रू मेंबर्स को भी सुरक्षित निकाला, जिनमें 15 भारतीय और 12 फिलीपीनी नागरिक शामिल हैं। इस हमले में जहाज के अतिरिक्त चीफ इंजीनियर (सुपरिंटेंडेंट) देओनंदन प्रसाद सिंह की मौत हो गई। सिंह मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे और मुंबई के कांदिवली रहेजा टावर में उनका निवास था।ईरान की तरफ से कहा गया कि IRGC के चेतावनी के बावजूद ये ऑयल टैंकर उत्तरी पर्शियन गल्फ से गुजर रहा था। इसलिए इस पर हमला किया गया। 28 फरवरी को जंग की शुरुआत के बाद से ईरान इस इलाके में अबतक 18 ऑयल टैंकर्स को निशाना बना चुका है। एक दिन पहले ही ईरान ने थाईलैंड के एक शिप पर हमला किया था।











