भारत डिफेंस सेक्टर के लिए डेडिकेटेड एआई सेटअप चलाने के लिए छोटे कदम उठा रहा है

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उन्होंने बताया कि भारत डिफेंस सेक्टर के लिए डेडिकेटेड एआई सेटअप चलाने के लिए छोटे कदम उठा रहा है।जनरल अनिल चौहान ने अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि इन लड़ाइयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की अहमियत दिखाती है कि यह कितनी बड़ी भूमिका निभाता है। अब तक, युद्ध ऐसे प्लेटफॉर्म पर आधारित थे, जहां हमारे पास टैंक, एयरक्राफ्ट, जहाज, सबमरीन थे, लेकिन अब हमें डेटा, नेटवर्क, इंटीग्रेशन और इंटेलिजेंस की जरूरत है।
फिलीपींस जनरल रोमियो एस ब्रॉनर जूनियर ने अपने देश की सेना के लिए स्वतंत्र एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि फिलीपींस को अपनी सेना के लिए एक इंडिपेंडेंट एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत है। खासकर जब साउथ चाइना सी में चीन का हमला तेज हो रहा है। वेनेजुएला और ईरान में हाल के अमेरिकी हमलों से पता चला है कि एनर्जी काटना अक्सर पहला कदम होता है, जिससे हमारे लिए इंडिपेंडेंट एनर्जी सोर्स बहुत जरूरी हो जाते हैं। उन्होंने कहा, “फिलीपींस ने तीन खास पहल शुरू की हैं। एक एआई प्रोग्राम, नेशनल न्यूक्लियर एनर्जी सेफ्टी एक्ट ताकि इसके द्वीपों पर छोटे न्यूक्लियर प्लांट लग सकें और एआई डेवलपमेंट को सपोर्ट करने के लिए 1000 सर्वर वाला 500 मेगावाट का डेटा सेंटर।” इससे देश की एनर्जी की जरूरतें पूरी होंगी।भविष्य में AI युद्ध को आकार देगा, अब हमें डेटा, नेटवर्क, इंटेलिजेंस की जरूरत, रायसीना डायलॉग रायसीना डायलॉग 2026 में सीडीएस अनिल चौहान ने डेटा सेंटर युग में पावर, ऑटोनॉमी और एनर्जी के मुद्दे पर खुलकर बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य में लड़ाई को आकार देने वाला है और डिफेंस क्षमताओं को बढ़ाने के लिए बहुत ज्यादा पावर की जरूरत होगी।
वैज्ञानिक विवेक लाल ने कहा कि न्यूक्लियर रिएक्टर कम जगह में बहुत ज्यादा बिजली बना सकते हैं। वे एआई और डेटा सिस्टम के लिए स्टेबल पावर देते हैं और डिमांड के हिसाब से आउटपुट को बढ़ा या घटा सकते हैं। फोर्टस्क्यू कैपिटल की मैनेजिंग डायरेक्टर दिव्यता आशिया ने कहा कि सॉवरेन डेटा कम्प्लायंस पर इस बात को लेकर सेंसिटिविटी बढ़ रही है कि डेटा कहां है और कहां प्रोसेस किया जाता है। जब प्रोसेसिंग कई सेंटर्स पर होती है तो इसे ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है और हम अभी भी उस कमजोरी पर काम कर रहे हैं।