देश में गणतंत्र दिवस की तैयारियां जोर-शोर से चल रही

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देश में गणतंत्र दिवस की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस बीच गणतंत्र दिवस 2026 के उपलक्ष्य में पुलिस, अग्निशमन, होमगार्ड एवं सिविल डिफेंस (एचजीएंडसीडी) तथा ‘करेक्शनल सर्विसेज’ (सुधारात्मक सेवा) के 983 कर्मचारियों को वीरता और सेवा पदकों से नवाजा गया है। इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा एक बयान भी जारी किया गया है। जारी किए गए बयान के मुताबिक इन सम्मानों में 125 वीरता पदक शामिल हैं। जम्मू कश्मीर क्षेत्र से सबसे अधिक 45 कर्मियों को वीरता पदक मिले। इसके बाद 35 कर्मियों को वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) प्रभावित क्षेत्रों से, पांच कर्मियों को पूर्वोत्तर से और 40 कर्मियों को अन्य क्षेत्रों से उनके वीरतापूर्ण कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा वीरता पदक पाने वालों में चार अग्निशमन सेवा के बचावकर्मी शुमार हैं।
ऑफिशियल डेटा के अनुसार, राज्यों में जम्मू कश्मीर पुलिस को सबसे अधिक 33 वीरता पदक मिले हैं। इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस को 31, उत्तर प्रदेश पुलिस को 18 और दिल्ली पुलिस को 14 वीरता पदक प्रदान किए गए हैं। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) एकमात्र ऐसा बल है, जिसे 12 वीरता पदक प्राप्त हुए हैं।
विशिष्ट सेवा के लिए कुल 101 राष्ट्रपति पदक (पीएसएम) प्रदान किए गए। इनमें से 89 पुलिस सेवा को, 5 अग्निशमन सेवा को, 3 सिविल डिफेंस एवं होमगार्ड सेवा को और 4 ‘करेक्शनल सर्विसेज’ को प्रदान किए गए हैं। इसमें कहा गया कि इसी प्रकार, सराहनीय सेवा के लिए कुल 756 पदक (एमएसएम) प्रदान किए गए। इनमें से, 664 पुलिस सेवा को, 34 अग्निशमन सेवा को, 33 होमगार्ड एवं सिविल डिफेंस सेवा को और 25 ‘करेक्शनल सर्विसेज’ को प्रदान किए गए हैं। वीरता पदक असाधारण बहादुरी और विशिष्ट वीरतापूर्ण काम के बेस पर जीवन और संपत्ति बचाने या अपराध को रोकने या अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए दिए जाते हैं। इसमें उठाए गए जोखिम का आकलन संबंधित अधिकारी के दायित्वों और कर्तव्यों को ध्यान में रखते हुए किया जाता है। वहीं, विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक (पीएसएम), सेवा में विशेष रूप से विशिष्ट रिकॉर्ड के लिए दिया जाता है। इसके अलावा सराहनीय सेवा के लिए पदक (एमएसएम) कर्तव्य के प्रति निष्ठा की विशेषता वाली मूल्यवान सेवा के लिए प्रदान किया जाता है।