भारत और रूस के रिश्तों के 80 साल से भी पुराने चैप्टर में पुतिन का यह भारत दौरा एक नया पन्ना जोड़ने जा रहा है

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पुतिन का ये 2 दिन का भारत दौरा सिर्फ शिष्टाचार नहीं बल्कि ये उन फैसलों की प्रस्तावना है, जो आने वाले साल में भारत की रणनीति, सुरक्षा और आर्थिक दिशा तय कर सकते हैं। यही वजह है कि व्लादिमीर पुतिन का नई दिल्ली में रेड कॉर्पेट पर वेलकम हुआ।मॉस्को से तियानजिन और अब दिल्ली, पिछले कुछ महीनों में PM मोदी और व्लादिमीर पुतिन की बढ़ती करीबियां यह इशारा कर रही हैं कि भारत और रूस के रिश्ते एक नए मोड़ पर खड़े हैं। यही वजह है कि पुतिन जब एयरपोर्ट से लोक कल्याण मार्ग के लिए रवाना हुए तो PM मोदी के साथ उनकी की गाड़ी में बैठ गए। उन्होंने बातचीत के लिए लोक कल्याण मार्ग तक पहुंचने का इंतजार भी नहीं कियादुनिया की कूटनीति असमंजस के मोड़ पर है, ऐसे वक्त में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का नई दिल्ली आना महज एक राजकीय दौरा नहीं, बल्कि जियोपॉलिटिक्स में बदलती ताकतों का संकेत है। दिल्ली की हवा में गुरुवार शाम को गर्मजोशी तब और बढ़ गई जब PM मोदी खुद पालम एयरपोर्ट पहुंचे और व्लादिमीर पुतिन का स्वागत किया जो 4 साल बाद भारत आए हैंजब दुनिया की कूटनीति असमंजस के मोड़ पर है, ऐसे वक्त में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का नई दिल्ली आना महज एक राजकीय दौरा नहीं, बल्कि जियोपॉलिटिक्स में बदलती ताकतों का संकेत है। दिल्ली की हवा में गुरुवार शाम को गर्मजोशी तब और बढ़ गई जब PM मोदी खुद पालम एयरपोर्ट पहुंचे और व्लादिमीर पुतिन का स्वागत किया जो 4 साल बाद भारत आए हैं।भारत और रूस के रिश्तों के 80 साल से भी पुराने चैप्टर में पुतिन का यह भारत दौरा एक नया पन्ना जोड़ने जा रहा है, जहां ग्लोबल प्रेशर, अमेरिका से बढ़ती खींचतान और एनर्जी से रक्षा सहयोग तक के तमाम महत्वपूर्ण फैसले केंद्र में हैं। इस दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर ने भी खुद को प्रोटोकॉल के बंधन में नहीं रोका और वह अपने दोस्त PM मोदी के गले लग गए।भारत और रूस के रिश्तों के 80 साल से भी पुराने चैप्टर में पुतिन का यह भारत दौरा एक नया पन्ना जोड़ने जा रहा है, जहां ग्लोबल प्रेशर, अमेरिका से बढ़ती खींचतान और एनर्जी से रक्षा सहयोग तक के तमाम महत्वपूर्ण फैसले केंद्र में हैं। इस दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर ने भी खुद को प्रोटोकॉल के बंधन में नहीं रोका और वह अपने दोस्त PM मोदी के गले लग गए। पुतिन का ये 2 दिन का भारत दौरा सिर्फ शिष्टाचार नहीं बल्कि ये उन फैसलों की प्रस्तावना है, जो आने वाले साल में भारत की रणनीति, सुरक्षा और आर्थिक दिशा तय कर सकते हैं। यही वजह है कि व्लादिमीर पुतिन का नई दिल्ली में रेड कॉर्पेट पर वेलकम हुआमॉस्को से तियानजिन और अब दिल्ली, पिछले कुछ महीनों में PM मोदी और व्लादिमीर पुतिन की बढ़ती करीबियां यह इशारा कर रही हैं कि भारत और रूस के रिश्ते एक नए मोड़ पर खड़े हैं। यही वजह है कि पुतिन जब एयरपोर्ट से लोक कल्याण मार्ग के लिए रवाना हुए तो PM मोदी के साथ उनकी की गाड़ी में बैठ गए। उन्होंने बातचीत के लिए लोक कल्याण मार्ग तक पहुंचने का इंतजार भी नहीं किया।तीन महीने पहले एससीओ समिट में PM मोदी और व्लादिमीर पुतिन के बीच जो गरमाहट दिखी थी, आज दिल्ली में वही गर्मजोशी PM मोदी की तरफ से लोक कल्याण मार्ग पर आयोजित प्राइवेट डिनर के साथ दोहराई गई। यह मुलाकात महज औपचारिकता नहीं बल्कि यह शुक्रवार को होने वाली तीन महीने पहले एससीओ समिट में PM मोदी और व्लादिमीर पुतिन के बीच जो गरमाहट दिखी थी, आज दिल्ली में वही गर्मजोशी PM मोदी की तरफ से लोक कल्याण मार्ग पर आयोजित प्राइवेट डिनर के साथ दोहराई गई। यह मुलाकात महज औपचारिकता नहीं बल्कि यह शुक्रवार को होने वाली 23वीं भारत-रूस शिखर वार्ता की नींव है।