पांच महीने की कड़ी मशक्कत के बाद स्कूटी बॉडी पार्टस बनाकर सपने को सच कर लिया

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शहर के वार्ड.20 भीमाठेर के रहने वाले अब्दुल मन्नान पेशे से बढ़ई का काम करते हैं वह बताते हैं कि अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए विचार आया कि क्यों न अपनी होंडा एक्टीवा के बॉडी पार्टस लकड़ी से बनाए जाएं। शुरुआती दौर में लगता था कि लोग मजाक उड़ाएंगे लेकिन लोगों की परवाह किए बीना लकड़ी से स्कूटी के बॉडी पार्टस बनाने का काम शुरू कर दिया।
अब्दुल मन्नान ने किसी भी बॉडी पार्टस पर लोहे की कील का इस्तेमाल नहीं किया बल्कि जीन्स के कपड़े पर शीशम की लकड़ी के टुकड़ों को फेविकोल और एयरालाइट की मदद से चिपाकर अलग-अलग पार्टस बनाए हैं।
दोस्तों के मजाक ने दिखाई राह.. लकड़ी की बनाई एक्टिवा; जीन्स के कपड़े पर शीशम के टुकड़ों को चिपका बनाई बॉडी
मुरादाबाद के कारीगर अब्दुल मन्नान ने 13 साल पुरानी अपनी दो पहिया वाहन के सभी बॉडी पार्ट्स शीशम की लकड़ी से तैयार कर दिए। बिना कील के जीन्स कपड़ा, फेविकोल और एयरालाइट से पार्ट्स बनाए और फायर-प्रू व एपॉक्सी फिनिश से मजबूती दी। उनकी अनोखी स्कूटी लोगों में चर्चा का कारण बनी है। मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है। दोस्त 13 साल पुरानी स्कूटी का मजाक उड़ाते थे। फिर एक दिन विचार आया कि क्यों न कुछ अलग किया जाए और लकड़ी से स्कूटी के बॉडी पार्टस बनाने का लक्ष्य बना लिया। पांच महीने की कड़ी मशक्कत के बाद स्कूटी बॉडी पार्टस बनाकर सपने को सच कर लिया। जब वह स्कूटी से बाजार जाते हैं तो लोग स्कूटी घेर लेते हैं और उनके तरह-तरह के सवाल करते हैं आखिर लकड़ी से बॉडी पार्टस कैसे बना दिए?
दुर्घटना होने पर टुकड़े बिखर न सकें इसलिए उन्हें मजबूती के साथ चिपकाया गया है। लकड़ी पर फायर प्रो मैटीरियल भी लगाया गया है ताकि आग लगने पर ज्यादा नुकसान न हो। इसके बाद लकड़ी पर एपोक्सी, पियू फिनिश का काम किया गया है।
अब्दुल मन्नान ने बताया कि होंडा एक्टीवा के बॉडी पार्टस बनाने का कारण अपनी कला सबको दिखानी थी और यह स्कूटी अपनी पहली कमाई से 2012 में खरीदी थी। इससे कई यादें जुड़ीं हुईं हैं।अपने समय को व्यर्थ न करें सभी के अंदर कुछ न कुछ करने का टेलेंट है। वक्त का सही जगह इस्तेमाल करें। दोस्त 13 साल पुरानी स्कूटी का मजाक उड़ाते थे। बाजार जाने पर लोग चारों तरफ से घेर लेते हैं और तरह तरह के सवाल करते हैं आखिर लकड़ी से कैसे इसके बॉडी पार्टस बनाएं गए हैं। लोग स्कूटी के साथ फोटो खींचते हैं, तो अच्छा लगता है। आगे कुछ बड़ा करने की जीद है। अब्दुल मन्नान, मुरादाबाद आर्टिस्टपिछले कुछ दिनों से यह स्कूटी शहर की सड़कों से लेकर सोशल मीडिया पर वायरल है। शहर की सड़कों पर यह स्कूटी दौड़ रही है और सबका ध्यान अपनी तरफ खींच रही है। यह स्कूटी ओर स्कूटी से अलग है क्योंकि इसके बॉडी पार्टस लकड़ी से बनाए गए हैं। यह सड़कों पर अनोखा नजारा पेश कर रहा है।