अब बिना AC भी घर रहेगा ठंडा! IIT कानपुर की ये खास शीट दिलाएगी राहत

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अब बिना AC भी घर रहेगा ठंडा! IIT कानपुर की ये खास शीट दिलाएगी राहत
आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी इंसुलेशन शीट तैयार की है, जो इमारतों का तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस तक कम करने में सक्षम है।
उत्तर प्रदेश: आईआईटी (IIT) कानपुर के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी खास इंसुलेशन शीट तैयार की है, जो इमारतों का तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस तक कम करने में सक्षम है। इसके इस्तेमाल से एयर कंडीशनर पर आने वाला खर्च काफी हद तक घटाया जा सकता है। यह शीट खास किस्म के कपड़े और इंसुलेशन मेटेरियल से बनाई गई है, जो बारिश के मौसम में भी खराब नहीं होती और जिसे साफ करना बेहद आसान है। इसकी कीमत लगभग 50 से 60 रुपये प्रति वर्ग फीट है, जो बाजार में उपलब्ध अन्य शीटों की तुलना में काफी सस्ती है।
आईआईटी कानपुर द्वारा विकसित यह शीट घरों की छत या इमारतों की दीवारों पर लगाई जा सकती है। खास बात यह है कि इसे किसी भी फ्रेम, लोहे या लकड़ी के ढांचे की आवश्यकता नहीं होती। इसे सीधे दीवार, छत या पानी की टंकी पर चिपकाया या बांधा जा सकता है।परीक्षणों में पाया गया कि इस शीट को लगाने के बाद भवन का तापमान 10–12 डिग्री तक घट जाता है। वर्तमान में बाजार में मिलने वाली शीटों की कीमत 100 से 200 रुपये प्रति वर्ग फीट तक होती है, जबकि आईआईटी की शीट आधी कीमत में उपलब्ध है।
इस तकनीक पर एक साल पहले पेटेंट लिया जा चुका है और लैब टेस्टिंग के बाद इसे कुछ भवनों में इस्तेमाल भी किया गया है। अब आईआईटी की रिसर्च टीम इसे अपनी स्टार्टअप कंपनी के माध्यम से आम लोगों तक पहुंचा रही है।
आईआईटी के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर अनिमांग्सु घटक के अनुसार, यह शीट सिंथेटिक पॉलिमर की मदद से बनाई गई है, जिसे “पेपर कोटेड विद पॉलिमर” कहा जा सकता है। इसमें एक विशेष प्रकार के कपड़े पर पॉलिमर की कोटिंग इस तरह की गई है कि यह किसी भी सतह- चाहे वह छत हो, दीवार हो या पानी की टंकी पर चिपकने के बाद इंसुलेशन का कार्य करने लगे।पॉलिमर की परतों के बीच सामान्य वायु फंस जाती है, जो ऊष्मा को पार होने से रोकती है। शीट की बाहरी सतह पूरी तरह सफेद रखी गई है, जिससे सूरज की सीधी किरणें परावर्तित हो जाती हैं और गर्मी का असर कम हो जाता है। यदि कुछ ऊष्मा अंदर प्रवेश करती भी है, तो वह कपड़े और पॉलिमर कोटिंग के बीच की परत में अटक जाती है। इस तरह अंदर के हिस्से पर न तो तेज गर्मी का असर पड़ता है और न ही ज्यादा ठंड का।
छत, दीवार और पानी की टंकी पर किया गया इस्तेमाल
आईआईटी की स्टार्टअप कंपनी गिटीटेक ने इसका उत्पादन शुरू कर दिया है। कंपनी के सीईओ आदित्य सिंह के अनुसार, इसे कई घरों में सफलतापूर्वक लगाया गया है। पानी की टंकियों पर इसका इस्तेमाल सबसे अधिक किया जा रहा है, जिससे गर्मियों में पानी को गरम होने से बचाया जा सकता है और सर्दियों में पानी बहुत ठंडा नहीं होता।
यह शीट न सिर्फ मकान की दीवारों और छतों पर लगाई जा सकती है, बल्कि इसे आसानी से साफ करके दूसरी जगह भी लगाया जा सकता है। कानपुर के औद्योगिक क्षेत्रों में कुछ फैक्ट्रियों में भी इसका इस्तेमाल किया गया, जहां जून महीने में एयर कंडीशनर की बिजली खपत में 25–30% तक की कमी दर्ज की गई। इसके अलावा, इस तकनीक का इस्तेमाल खिड़की के पर्दे बनाने में भी किया जा रहा है।