सपा और लोकतंत्र नदी के दो छोर, इनके मुंह से लोकतंत्र शब्द शोभा नहीं देता- सीएम योगी

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सपा और लोकतंत्र नदी के दो छोर, इनके मुंह से लोकतंत्र शब्द शोभा नहीं देता- सीएम योगी
यूपी विधानसभा के चार दिन के इस मानसून सत्र के पूरी तरह हंगामेदार होने की संभावना है। विपक्ष इस सत्र को बहुत छोटा बताकर इसे बढ़ाने की मांग कर रहा है लेकिन सरकार के मुताबिक ये सत्र 14 अगस्त को समाप्त हो जाएगा।आज से यूपी विधानसभा के मानसून सत्र का आगाज हो गया है। सत्र शुरू होने से पहले समाजवादी पार्टी के विधायकों ने बैनर पोस्टर के साथ प्रदर्शन किया। इस दौरान सपा विधायकों ने “आप चलाइये मधुशाला हम चलाएंगे PDA पाठशाला” के नारे लगाए। बता दें कि चार दिन के इस सत्र के पूरी तरह हंगामेदार होने की संभावना है। विपक्ष इस सत्र को बहुत छोटा बताकर इसे बढ़ाने की मांग कर रहा है लेकिन सरकार के मुताबिक ये सत्र 14 अगस्त को समाप्त हो जाएगा। विपक्ष इस सत्र में स्कूलों का मर्जर, बिजली का निजीकरण, वोटर लिस्ट रिवीजन, सूबे में आई बाढ़, कानून व्यवस्था और बेरोजगारी जैसे मुद्दे उठाने की तैयारी कर रहा है।
यूपी विधानसभा की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित की गई थी। इसके बाद फिर 12.21 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई और इस दौरान भी जमकर हंगामा जारी रहा।
नेता विपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने आरोप लगाया कि उन्हें गोरखपुर, सम्भल, बहराइच नहीं जाने दिया जा रहा है। इस पर सीएम योगी ने कहा- समाजवादी पार्टी और लोकतंत्र नदी के दो छोर है। इनके मुंह से लोकतंत्र शब्द शोभा नहीं देता। सम्भल, गोरखपुर, बहराइच सब जगह अराजकता पैदा करना चाहते हैं। आपके कंधे पर बंदूक रखकर चलाना चाहते हैं।
समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान कावंड़ लेकर विधानसभा पहुंचे है। कावंड़ में डॉ. भीमराव अंबेडकर और डॉ. राम मनोहर लोहिया की फोटो लगी हैं, साथ में लिखा है कि सरकारी शराब की दुकान, नहीं चाहिए मधुशाला, हमें चाहिए पाठशाला। अतुल प्रधान ने कहा कि A फॉर अखिलेश पढ़ाने में कोई नुकसान नहीं है।यूपी विधानसभा में इस वक्त जबरदस्त हंगामा हो रहा है। स्पीकर के आसन के पास जाकर सपा विधायक नारेबाजी कर रहे हैं। यूपी विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होते ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने सपा पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि सपा सरकार के दौरान दहशत का माहौल था। व्यापारी डरे रहते थे। सपा ने विकास के लिए कुछ भी नहीं किया। यूपी विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू हो गया है। इस कार्यवाही में कई मुद्दों पर समाजवादी पार्टी और भाजपा आमने-सामने आ सकती हैं। सपा की मांग है कि सदन की कार्यवाही का समय बढ़ाया जाए।विधानसभा सत्र से पहले कल बीजेपी और समाजवादी पार्टी के विधायकों की अलग अलग बैठक हुई जिस दौरान दोनों दलों ने अपनी अपनी रणनीति पर चर्चा की। इस सत्र की खास बात ये है कि इस दौरान यूपी सरकार के विजन डॉक्यूमेंट 2047 पर नॉनस्टॉप 24 घंटे तक चर्चा होगी। विपक्ष इसे समय की बर्बादी बता रहा है। अखिलेश यादव ने तो इसे पागलपन करार दिया।
मानसून सत्र से पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग पर पहली बार अंगुली नहीं उठ रही है। कई बार ऐसा हुआ है और यूपी चुनाव को लेकर के कई बार सपा ने अपनी बात रखी है। पिछली बार जब उपचुनाव था और उपचुनाव में जो धांधली हुई उसको लेकर भी शिकायत की गई कि किस तरीके से सरकार ने मिलकर के अधिकारियों के सहारे वोट की चोरी नहीं, बल्कि वोट की लूट की गई। वोट की डकैती की गई।सत्र शुरू होने से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “आज से उत्तर प्रदेश विधानमंडल का सत्र प्रारंभ होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश का विधानमंडल देश के किसी भी विधानमंडल से बड़ा विधानमंडल है। पिछले 8-8.5 वर्षों में उत्तर प्रदेश विधानमंडल ने अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं। इस बार का सत्र भी काफी महत्वपूर्ण है।”