छात्रावास से सेना तक का सफर,अग्निवीर बने पिछड़ा वर्ग के पांच छात्र, छिंदवाड़ा जिले को दिलाया गौरव

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सफलता की कहानी/विशेष समाचार

छात्रावास में रहकर उन्होंने न सिर्फ अपनी शैक्षणिक यात्रा को दिशा दी, बल्कि सेना जैसी प्रतिष्ठित सेवा में जाने के लिये प्रशिक्षण प्राप्त कर अपना सपना भी साकार किया। इनकी सफलता उस नीति की जीवंत मिसाल है, जिसके तहत शासन द्वारा आर्थिक रूप से पिछड़े विद्यार्थियों को नि:शुल्क आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, जिससे वे जिला मुख्यालय स्थित महाविद्यालयों में अध्ययन कर अपने भविष्य को मजबूत बना सकें। शासन की योजनाएं इन छात्रों के लिए मील का पत्थर बनी।

इस उपलब्धि के लिए छात्रों ने अपने माता-पिता, गुरूजन, परिजन के आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन तथा राज्य शासन की नीतियों और योजनाओं को श्रेय देते हुए हृदय से आभार व्यक्त किया है।