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बारबाडोस। टी20 विश्व कप 2024 के फाइनल में एक वक्त टीम इंडिया ने 34 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे। कप्तान रोहित शर्मा (9), ऋषभ पंत (0) और सूर्यकुमार यादव (3) पवेलियन लौट चुके थे। ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम की बल्लेबाजी ‘चोकर्स’ के सामने चोक कर जाएगी। तभी टीम मैनेजमेंट ने मास्टरस्ट्रोक चलते हुए पांचवें नंबर पर बाएं हाथ के अक्षर पटेल को भेजा और इसी ने मैच का रुख बदल कर रख दिया। अक्षर ने न सिर्फ विराट के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई, बल्कि भारत के रन रेट को धीमे नहीं पड़ने दिया। अक्षर ने 47 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। टीम मैनेजमेंट के लिए शिवम दुबे और हार्दिक पांड्या से आगे अक्षर को भेजना एक शानदार फैसला साबित हुआ। अक्षर का निकनेम ‘बापू’ है। जब रोहित-पंत और सूर्या आउट हुए तो किसी ने भी नहीं सोचा था कि टीम इंडिया 170 के पार पहुंच जाएगी, लेकिन अक्षर की पारी ने भारतीय खिलाड़ियों और भारतीय फैंस के मन में उम्मीदें जगाईं। जहां एक तरफ विराट स्ट्राइक रोटेट करते रहे, वहीं अक्षर ने दूसरे छोर से चौके-छक्कों की बारिश जारी रखी। भारतीय पारी का पहला छक्का भी अक्षर ने लगाया। उन्होंने 31 गेंद में एक चौका और चार छक्के की मदद से 47 रन की पारी खेली। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 151.61 का रहा। अक्षर अपने दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक से चूक गए, लेकिन विराट के साथ उनकी 54 गेंद में 72 रन की साझेदारी ने टीम इंडिया को एक अच्छे स्कोर तक पहुंचाया। ऐसा लग रहा था कि अक्षर अपना अर्धशतक पूरा कर लेंगे लेकिन पारी के 14वें ओवर में खराब गेमअवेयरनेस की वजह से वह अपना विकेट गंवा बैठे। दरअसल, रबाडा की गेंद कोहली के थाईपैड से लगकर विकेटकीपर डिकॉक के पास पहुंची। अक्षर ने कोहली को सिंगल के लिए कॉल किया। हालांकि, कोहली के मना करने पर वह लापरवाही से डिकॉक को देखते हुए नॉनस्ट्राइकर एंड पर लौटने लगे। तब तक डिकॉक ने डायरेक्ट थ्रो किया और अक्षर तब तक क्रीज में नहीं पहुंच सके। अक्षर के आउट होने पर रोहित भी निराश दिखे।

By Admin

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