Share

कोर्ट के आदेश के बावजूद AIIMS की डॉक्टर ने नहीं खाली किया फ्लैट, दर-दर भटक रहे बुजुर्ग दंपति
नोएडा के सेक्टर 93B में स्थित एक फ्लैट को खाली नहीं कराने को लेकर बुजुर्ग दंपति दर-दर भटकने को मजबूर हैं। बुजुर्ग दंपति का आरोप है कि उन्होंने एम्स की डॉक्टर को किराए पर फ्लैट दिया था, अब उन्हें फ्लैट की जरूरत है लेकिन किराएदार वह फ्लैट खाली नहीं कर रही है।
नोएडा: शहर में एम्स की एक डॉक्टर पर कोर्ट के आदेश के बाद भी फ्लैट नहीं खाली करने का आरोप है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि उन्होंने डॉक्टर मनाली अग्रवाल को किराए पर अपना फ्लैट दिया था, लेकिन अब मनाली यह फ्लैट खाली नहीं कर रही है और इसका किराया भी नहीं दे रही है। इस मामले को लेकर पीड़ित पक्ष कोर्ट भी गया। कोर्ट ने 30 दिन के अंदर फ्लैट खाली करने का आदेश भी दे दिया है, लेकिन इसके बावजूद मनाली द्वारा फ्लैट खाली नहीं किया जा रहा है। पीड़ित पक्ष ने इस मामले को लेकर एक बार फिर से कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
दरअसल, नोएडा के सेक्टर 93B में स्थित ग्रैंड ओमेक्स सोसायटी में एक बुजुर्ग दंपति का फ्लैट है। बुजुर्ग दंपति का कहना है कि उन्होंने अपने पूरे जीवन की जमा-पूंजी लगाकर यह फ्लैट लिया था। बच्चों की पढ़ाई के लिए वह दिल्ली चले गए और अपने इस फ्लैट को किराए पर दे दिया। इस फ्लैट में कई सारे किराएदार आए और फिर चले भी गए। सब कुछ ठीक ठाक तरीके से चल रहा था। इसी बीच मार्च 2021 में सोसायटी के ही एक व्यक्ति के कहने पर उन्होंने डॉ मनाली अग्रवाल को अपना फ्लैट किराए पर दे दिया। मनाली अग्रवाल एम्स में डॉक्टर हैं।
पीड़ित दंपति का कहना है कि कई महीनों तक मनाली ने समय से फ्लैट का किराया दिया, लेकिन कुछ समय के बाद वह किराया देने में लेटलतीफी करने लगी। कुछ दिनों के बाद जब उन्होंने मनाली से इस बात की शिकायत की तो मनाली ने उनका नंबर भी ब्लॉक कर दिया। फरवरी 2022 में दंपति ने कोर्ट का रुख किया और नोटिस जारी करते हुए 30 दिन के अंदर फ्लैट खाली करने के लिए कहा। इस नोटिस के बाद भी मनाली ने फ्लैट खाली नहीं किया। इसके बाद पीड़ित ने सूरजपुर स्थित एसडीएम कोर्ट में जाकर न्याय की गुहार लगाई।
कोर्ट में इस मामले को लेकर करीब डेढ़ साल तक मामला चला। कोर्ट ने मई 2023 में मनाली को 30 दिन के अंदर फ्लैट खाली करने का आदेश दिया। कोर्ट के इस आदेश के बाद भी मनाली ने बुजुर्ग दंपति का फ्लैट खाली नहीं किया। पीड़ित मलविंदर सिंह ने अब एक बार फिर से कोर्ट का रुख किया है। मलविंदर सिंह का कहना है कि उनके बच्चे अब विदेश जा चुके हैं और अब उन्हें इस फ्लैट की जरूरत है। उनका कहना है कि नोएडा वाले फ्लैट से किराया भी नहीं मिल रहा है। वहीं इस मामले को लेकर मनाली का कहना है कि कोर्ट ने एकतरफा फैसला सुनाया है। हमारी ओर से भी हमारा पक्ष सुनने के लिए एक अपील दायर की गई है।

By Admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *