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राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में किस तरह के बर्तनों का इस्तेमाल होगा
अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के अब चंद दिन ही बचे हैं। सभी तरह की तैयारियां अपने आखिरी चरण में हैं। इस बीच, जानकारी सामने आई है कि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के समारोह के लिए किस तरह के बर्तनों का उपयोग होगा।
अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के अब चंद दिन ही बचे हैं। सभी तरह की तैयारियां अपने आखिरी चरण में हैं। भव्य मंदिर में जहां सोने के दरवाजे लगाए जा रहे हैं, तो वहीं रामलला को कई तरह का उपहार भी भेंट कर रहे हैं। इस क्रम में राम मंदिर में एटा का 2400 किलो का घंटा भी नजर आएगा, जो जलेसरवासियों ने रामलला को तोहफे में दिया है। इस बीच, ये भी जानकारी सामने आई है कि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के समारोह के लिए किस तरह के बर्तनों का उपयोग होगा।अयोध्या में जैविक प्रक्रिया से नष्ट होने वाले खाने के बर्तनों का इस्तेमाल करने का फैसला किया गया है। इसकी जानकारी गुरुवार को अधिकारियों ने दी। राम मंदिर ट्रस्ट ने इसके लिए स्थानीय स्तर पर प्राप्त गन्ने की खोई से बनी एवं जैविक प्रक्रिया से नष्ट होने वाली पैकेजिंग सामग्री में विशेषज्ञता रखने वाली कंपनी पक्का लिमिटेड का सहयोग लिया है। पक्का लिमिटेड के भारत में कारोबार प्रमुख जगदीप हीरा ने कहा, ‘‘हमारा ब्रांड ‘चक’ जैविक प्रक्रिया से नष्ट होने वाले बर्तनों के लिए जाना जाता है। इसे राम मंदिर ट्रस्ट ने उद्घाटन कार्यक्रम के लिए चयनित किया है। अयोध्या जब राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए लाखों श्रद्धालुओं का स्वागत करने की तैयारी कर रहा है, हम एक पर्यावरण अनुकूल विरासत को प्रोत्साहित करने के लिए अपनी भूमिका निभाने को लेकर आशान्वित हैं।
नष्ट होने वाले खाने के बर्तनों की पेशकश
उन्होंने कहा, “राम मंदिर ट्रस्ट के साथ इस सहयोग में हमने मंदिर को जैविक प्रक्रिया से नष्ट होने वाले खाने के बर्तनों की पेशकश की है, जो इस पवित्र अवसर के मूल्यों के अनुरूप है। पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी, प्रकृति का सम्मान और हमारे आस-पास के पवित्र वातावरण के संरक्षण के जरिए हमारा लक्ष्य हरित अयोध्या में योगदान देना है।” इस साझेदारी का लक्ष्य राम मंदिर परिसर के आस-पास अयोध्या में कार्यक्रम के बाद पर्यावरण हितैषी व्यवहारों को बढ़ावा देना है। सहयोग का लक्ष्य उत्तर प्रदेश सरकार की पहल ‘अयोध्या को प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र बनाएं’ के अनुरूप सकारात्मक पर्यावरण प्रभाव पैदा करना है।
10 लाख बर्तन उपब्लध कराने की योजना
हीरा ने कहा कि जैविक प्रक्रिया से नष्ट होने वाले इन बर्तनों का उपयोग कर राम मंदिर ट्रस्ट मंदिर के उद्घाटन के पहले और बाद में पर्यावरण हितैषी व्यवहारों का उदाहरण स्थापित करना और अन्य को व्यावहारिक विकल्पों को अपनाने के लिए प्रेरित करना चाहता है। उन्होंने कहा कि हमारी योजना जैविक प्रक्रिया से नष्ट होने वाले एवं खाने के लिए उपयोग किए जाने वाले 10 लाख बर्तन उपब्लध कराने की है। समारोह में 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाग लेने का कार्यक्रम है।

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