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नई दिल्ली. अयोध्या में स्थापित की जा रही भगवान राम की प्रतिमा नख से शिख तक 51 इंच ऊंची है। इस मूर्ति में भगवान का स्वरूप पांच वर्ष के बच्चे के समान बालरूप में होगा। लेकिन इसके अलावा अयोध्या में भगवान राम की 251 फीट ऊंची विशाल मूर्ति भी स्थापित की जाएगी। इस मूर्ति को प्रसिद्ध मूर्तिकार नरेश कुमावत बना रहे हैं, जो अब तक दुनिया के 80 से ज्यादा देशों के 230 से अधिक शहरों में भारत के राष्ट्रपुरुषों की मूर्तियां बना चुके हैं। इनमें भगवान राम, कृष्ण, बुद्ध से लेकर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की मूर्तियां भी शामिल हैं। इस समय भी वे कनाडा में भगवान राम की 54 फीट ऊंची प्रतिमा बना रहे हैं। इसके पहले वे कनाडा में ही 50 फीट ऊंची हनुमान की मूर्ति बना चुके हैं।

नरेश कुमावत ने बताया कि अयोध्या में भगवान राम की 251 फीट ऊंची प्रतिमा बनाने की सोच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की है। उनकी इच्छा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने भगवान राम की एक मूर्ति उन्हें दिखाई थी, जो उन्हें काफी पसंद आई। मुख्यमंत्री योगी आदित्याथ की पसंद को ध्यान में रखते हुए इस मूर्ति को अजानुबाहु का नाम दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही इस प्रतिमा का निर्माण शुरू करेंगे। स्थापना के बाद यह दुनिया की सबसे ऊंची भगवान राम की प्रतिमा होगी।

सबसे पहले अयोध्या में ही सरयू नदी के किनारे इस प्रतिमा को लगाने का प्रस्ताव किया गया था, लेकिन अब इसे बारह मांझा घाट के पास स्थापित किया जा सकता है। इस विशाल मूर्ति के लिए अनुकूल ठोस जमीन मिलने पर ही जगह पर अंतिम मुहर लग पाएगी। इस मूर्ति के निर्माण की लागत और समय के विषय में अभी बहुत कुछ निश्चित नहीं है, लेकिन यह तय है कि राम मंदिर के निर्माण के बाद भगवान राम की 251 फीट ऊंची प्रतिमा का निर्माण किया जाएगा।

By Admin

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